एक बार फिर फेल हुई बनारस की एलाईयु, भारी संख्या में कार्यकर्ताओं सहित सपा नेता पहुचे मुख्यालय, गिरफ्तार कार्यकर्ताओ की ज़मानत के लिए किया अधिवक्ता से भेट

तारिक़ आज़मी

वाराणसी। कल हुवे लाठीचार्ज के बाद दर्ज वाराणसी प्रशासन ने सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। कई गंभीर धाराओ इन सपा कार्यकर्ताओं पर प्रशासन ने मुकदमा भी दर्ज किया है। इसके बाद आज सपा के वरिष्ठ नेताओं सहित पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटेल ने अपने घायल और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी हाल जानी। इसके बाद पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटेल के स्थानीय नेताओं और समर्थको सहित जिला मुख्यालय पहुचे और वहा से अ

धिवक्ता से भेट करने पहुचे।

अधिवक्ता अनुज यादव से उन्होंने कार्यकर्ताओ के अतिशीघ्र ज़मानत की व्यवस्था करने हेतु मंत्रणा किया और वहा से वह अपने समर्थको सहित गंतव्य को चले गए। इस दरमियान सुरेन्द्र पटेल ने मीडिया से रुबरु होते हुवे कहा कि प्रदेश सरकार लोकतंत्र का गला घोट रही है। प्रदेश सरकार बढ़ते अपराध और बेरोज़गारी पर असहाय दिखाई दे रही है और विरोध को पुलिस लाठी के बल पर ठंडा करना चाहती है।

पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटेल ने मीडिया पर भी अपनी भड़ास निकाली और कहा कि मीडिया अपनी भूमिका भूल चूका है। मीडिया और विपक्ष मिलकर सरकार के गलत नीतियों का विरोध करते है। विपक्ष और मीडिया जनता की होती है और जनता के हितो हेतु कार्य करती है। मगर आज समय ऐसा आ गया है कि सरकार निरंकुश हो गई है और मीडिया केवल सरकार की ही गा रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया को अपनी पुरानी भूमिका में आना होगा। पूर्व मंत्री ने अपने बयान में कहा कि कल हुई घटना लोकतंत्र का गला घोटने जैसी है। एक विरोध प्रदर्शन जो शांतिपूर्वक हो रहा था को दमनकारी नीतियों के तहत लाठियों के जोर से रोका गया है।

इस अवसर पर सुरेन्द्र पटेल के साथ राजकुमार जायसवाल, शालिनी यादव, लालू यादव, इम्तेयाज़ुद्दीन, पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री मनोज राय “धुपचंडी”, विजय जायसवाल, पूर्व विधायक हाजी समद अंसारी, अनवारुल हक सहित इन सही नेताओं के समर्थक और भारी संख्या में सपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

फिर फेल हुआ एलआईयु

वाराणसी एलआईयु एक बार फिर फेल नज़र आया। इतनी बड़ी संख्या में सपा नेता जिला मुख्यालय होते हुवे पूरी कचहरी का लगभग भ्रमण करके अधिवक्ता अनुज यादव के चेंबर तक गए। मगर एलआईयु को इसका कोई इनपुट नही था। पश्चिमी गेट पर तैनात दो कांस्टेबल और फिर एसएसपी वाराणसी के दफ्तर से आगे तैनात होम गार्ड की ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने इन नेताओं को रोकने का प्रयास किया मगर उनसे अधिक संख्या बल सपा नेताओं के पास था। इस दरमियान मीडिया कर्मियों को जानकारी मिल गई मगर एलआईयु कर्मियों को जिनकी ड्यूटी मुख्यालय गेट पर ही है को कोई जानकारी नही हुई।

सपा नेताओं के वापस जाने के बाद वहा तैनात एलआईयु कर्मी पत्रकारों से फोटो और प्रेस नोट मंगाते दिखाई दे रहे थे। जबकि खुद एलआईयु को इसकी जानकारी नही थे। ये कमाल नही तो और क्या है ? एलआईयु अपने मूल कृत्यों से अलग शायद केवल पासपोर्ट वरिफिकेशन में लगी रहती है।

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