डाटा बेचने के गोरखधंधे के सम्बन्ध में आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने किया कानपुर पुलिस से मेल के ज़रिये शिकायत

तारिक़ खान

कानपुर। डाटा चोरी करना और बेचने के एक बड़े खेल की शिकायत आज आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपनी मेल के ज़रिये कानपुर पुलिस को किया है। मामला रायपुरवा क्षेत्र से जुडा हुआ बताया जा रहा है। कानपुर में इस तरीके के गोरखधंधे की शिकायत आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने किया है।

उन्होंने मेल से आरोप लगाते हुवे कानपुर पुलिस को बताया है कि कानपुर की एक कंपनी ने वर्ष 2020 के छह लाख बोर्ड परीक्षार्थियों का डाटा निजी कंपनियों और संस्थानों को बेच दिया है। इस संबंध में गोपनीय दस्तावेज समेत अन्य जानकारियां आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने डीआईजी कानपुर को ई-मेल के जरिये सोमवार को उपलब्ध कराई हैं। डीआईजी के आदेश पर मामले की जांच शुरू हो गई है।

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के मुताबिक रायपुरवा इलाके में एक कंपनी के पास बोर्ड परीक्षार्थियों का डाटा उपलब्ध है। इसमें हाईस्कूल के तीन लाख 46 हजार 505 छात्रों का डाटा है जबकि इंटरमीडिएट के दो लाख 27 हजार 984 छात्र-छात्राओं का डाटा है। ये कंपनी अलग-अलग कंपनियों, कोचिंग सेंटरों समेत अन्य कई संस्थानों को छात्रों का डाटा बेच रही है। डीआईजी को सौंपी शिकायत में लिखा गया है कि छात्र-छात्राओं के डाटा में उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल व माता पिता का नाम आदि दिया जा रहा है। एक छात्र का डाटा 6500 रुपये में बेचा गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह डाटा बेचकर करोड़ों रुपये इधर से उधर किए जा रहे हैं।

गौरतलब हो कि केवल अपने देश ही नही बल्कि दूसरे देश में भी चोरी छुपे डाटा बेचा जाता है। साइबर ठग से लेकर शातिर अपराधी, आतंकी तक डाटा का इस्तेमाल करते हैं। डाटा बेचने पर किसी भी शख्स के बारे में पूरी जानकारी दूसरे लोगों को मिल जाती है। किस क्षेत्र से वो जुड़ा है, क्या कर रहा है, क्या रुचि है, क्या विचारधारा है आदि जानकारी मिल जाती है। तमाम निजी कंपनियां इसका इस्तेमाल कर मैसेज, ईमेल के अलावा कॉल भी करती हैं। आजकल तो राजनीतिक दल भी डाटा से लोगों की राजनीतिक रुचि का पता लगाती हैं। अमिताभ ठाकुर का कहना है कि डाटा का इस्तेमाल साइबर अपराधी भी कर सकते हैं जो खतरनाक है।

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