दरोगा के काम ने जीता सबका दिल: नंगे पैर थाने पहुंचीं 80 साल की वृद्धा को दरोगा ने अपने हाथों से पहनाई चप्पल 

तारिक़ खान

कानपुर: अक्सर पुलिस का ऐसा चेहरा सामने आते ही हर किसी के मन में नकारात्मक छवि ही सामने बनती है। लेकिन आज पुलिस की ऐसी छवि सामने आई। जिसकी सभी लोग तारीफ कर रहे हैं। हमेशा से ही सुर्खियों में रहने वाली मित्र पुलिस का एक मानवीय चेहरा कानपुर से सामने आया है। जहां 80 साल की एक बुजुर्ग विधवा महिला पुलिस के पास थाने में अपनी फरियाद लेकर पहुंची।

वृद्धा काफी ज्यादा परेशान थी उसके पैरों में चप्पल तक नहीं थी। मौके पर मौजूद दरोगा ने वृद्धा से परेशानी का कारण पूछा। तो वृद्धा ने बताया कि वह अपनी नाती से परेशान होकर उसकी शिकायत करने के लिए नर्वल थाने आई है। यह सुनकर दरोगा की आंखों में आंसू आ गए। दरोगा ने सबसे पहले उनके लिए चप्पल मंगवाई और अपने हाथों से पहनाई। पुलिस की संवेदनशीलता देख एक मां की ममता थाने की चौखट पर खाकी वाले बेटे की पीठ थपथपाए जा रही थी

ऐसे पहुंची बुजुर्ग महिला थाने

नर्वल के हजरतपुर में रहने वाली एक 80 साल की विधवा रामरती शुक्रवार की दोपहर अपनी शिकायत लेकर नर्वल थाने पहुंचीं। जहां तैनात दरोगा अमित यादव ने उन्हें बैठने के लिए कुर्सी दी। इसके बाद दरोगा ने शिकायत सुनी। दरोगा अमित यादव ने जब वृद्धा को नंगे पैर और अकेले देखा तो पूछा अम्मा चप्पलें तुम्हारी कहां हैं। बुजुर्ग महिला रामवती ने कहा साहब चप्पल हमरे पास नहीं हैं। हम नंगे पैर ही गांव से पैदल चल के आई हन। साहब हमार नाती हमका बहुत परेशान कर रहा है। बुढ़ापा म हमारा जियब हराम कीन्हे है। दारोगा अमित यादव ने महिला की शिकायत को सुनकर भूख से व्याकुल होती रामवती को अपने हाथों से लड्डू खिलाया और पानी पिलाया। इसके बाद सांत्वना दी कि परेशान न हो अब तुम्हे कोई दिक्कत नहीं होगी। थाने से जाने से पहले दारोगा ने दुकान से नई चप्पलें मंगाकर उनको खुद पहनाई। चप्पल पहनते ही वृद्धा ने दारोगा को गले से लगाकर पीठ थपथपाते हुए अपनी ममता लुटाई। वृद्धा ने कहा जुग-जुग जियौ मोरे लाल, खूब फूलौ-फलौ।

दरोगा की पीठ थपछपाई

नर्वल थाने पर ऐसा नजारा देखकर हर कोई दरोगा अमित यादव की वाह-वाही करता दिखाई दे रहा है। दरअसल एक 80 साल की बुजुर्ग महिला पैदल नंगे पैर शिकायत लेकर थाने पहुंची। जहां वृद्धा को नंगे पैर देख दारोगा ने पहले कुर्सी पर बिठाया। उसके बाद अपने हाथों से लड्डू मंगाकर खिलाया और पानी पिलाया। शिकायत सुनने के बाद दरोगा ने वृद्धा को दुकान से नई चप्पलें मंगाकर खुद पहनाया। दारोगा की इस सेवा को देखकर वृद्ध मां का दिल भर आया। दरोगा की संवेदनशीलता देख एक मां की ममता थाने की चौखट पर खाकी वाले बेटे की पीठ थपथपाए जा रही थी।

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