असम के सीएम हेमंता बिस्वा के बयान ‘भारत में भी कई हुसैन ओबामा है’ पर बढ़ी राष्ट्रीय ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय सुगबुगाहट, हेमंता के इस बयान पर पढ़े किसने क्या कहा ?

आदिल अहमद

डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा पीएम मोदी से भारत में अल्पसंख्यको के मुद्दे पर बात करने की सलाह पर अब भारत में सियासत गरमा गई है। यहाँ गर्म हुई सियासत सिर्फ भारत तक ही नही इसका जवाब विश्व स्तर पर देखने को मिल रहा है जब एक सवाल का जवाब ट्वीट करते हुवे असम के मुख्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भारत में भी कई ‘हुसैन ओबामा’ है।

दरअसल प्रधानमन्त्री मोदी के अमेरिका दौरे के बीच पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के बयान के बाद एक भारतीय पत्रकार ने पूछा था कि क्या असम पुलिस ओबामा के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी? इस पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्विटर पर लिखा कि ‘भारत में भी कई हुसैन ओबामा हैं। वॉशिंगटन जाने के विचार से पहले हमें उन पर कार्रवाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। असम पुलिस अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर कार्रवाई करेगी।’

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान के बाद रेडियो फ्रांस के पत्रकार सेबास्टियन फारसिस ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी को धमकी करार दिया है। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री के शब्दों में जब बराक ओबामा, हुसैन ओबामा बन जाते हैं। और धमकी भरा उनका टोन…..।’

वाशिंगटन पोस्ट के भारत ब्यूरो चीफ़ गेरी सिंह ने लिखा है कि ‘हमेशा यह जानना दिलचस्प होता है कि बीजेपी के प्रवक्ता तब अमेरिका/डेम्स (डेमोक्रेटिक पार्टी) के बारे में क्या बोलते हैं, जब जेक सुलिवन कमरे में नहीं होते हैं। जेक सुलिवन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सलाहकार हैं।’

दरअसल अमेरिका की पत्रकार क्रिस्टियान अमानपोर ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से एक इंटरव्यू के दौरान पूछा, ‘राष्ट्रपति बाइडन ने डिफेन्सिव डेमोक्रेसी को अपने प्रशासन का केंद्र बनाया हुआ है। और ये वो वक़्त है, जब दुनिया में लोकतंत्र ख़तरे में है, इसे तानाशाहों और तानाशाही से चुनौती मिल रही है, अनुदार लोकतंत्रों से भी इसे चुनौती मिल रही है। बाइडन चीनी राष्ट्रपति को तानाशाह कहते हैं।’

इसके बाद पीएम मोदी और उनके राजकीय दौरे पर सवाल करते हुए क्रिस्टियान अमानपोर ने पूछा, ‘बाइडन इस वक्त अमेरिका में मोदी का स्वागत कर रहे हैं, जिन्हें ऑटोक्रेटिक या फिर अनुदार डेमोक्रेट माना जाता है। किसी राष्ट्रपति को ऐसे नेताओं के साथ किस तरह से पेश आना चाहिए?’ ओबामा ने इस सवाल के जवाब में कहा, ‘हिंदू बहुसंख्यक भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा काबिले-ज़िक्र है। अगर मेरी मोदी से बात होती तो मेरा तर्क होता कि अगर आप (नस्लीय) अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा नहीं करते हैं तो मुमकिन है कि भविष्य में भारत में विभाजन बढ़े। ये भारत के हितों के विपरीत होगा।’ इससे पहले साल 2015 में ओबामा ने कहा था कि भारत तब तक सफलता की सीढ़ियां चढ़ता रहेगा जब तक एक देश के रूप में एकजुट रहे, और धार्मिकता या किसी अन्य आधार पर अलग-थलग न हो।

दरअसल हेमंत बिस्वा सरमा का यह बयान तब आया जब पत्रकार रोहिणी सिंह ने ओबामा के उस इंटरव्यू का जिक्र करते हुए ट्विटर पर ये सवाल पूछा था कि क्या गुवाहाटी में ओबामा के ख़िलाफ़ भी भावनाएं भड़काने के आरोप में एफ़आईआर दर्ज किया जाएगा। क्या असम पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने और किसी फ्लाइट से उतारने के लिए वाशिंगटन के लिए रवाना हो गई है।

इस बीच सियासत ने भी जवाब देने शुरू कर दिए है। इस क्रम में कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने हिमंता के बयान पर लिखा है, ‘माई फ्रेंड बराक’ अब हुसैन ओबामा हैं। वास्तव में हिमंता ने व्हाइट हाउस में पीएम मोदी से पूछे गए गए सवाल का जवाब दिया है। उनका इशारा-राष्ट्रपति ओबामा के मुस्लिम होने के बारे में और भारतीय मुस्लिम को सबक सिखाना चाहिए? इस प्रश्न का आधार था। पीएम, विदेश मंत्रालय और भारत सरकार का इस पर क्या रुख है?’

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *