जितेन्द्र के प्यार की खातिर अपना मज़हब छोड़ आर्य समाज मंदिर में अपनाया हिन्दू धर्म, लिए 7 फेरे, बनी जितेन्द्र के बच्चो की माँ, शादी के 16 साल बाद जितेन्द्र ने दिया धोखा कहा ‘मैं पहले से शादीशुदा हु’

तारिक़ आज़मी

डेस्क: इश्क में मुब्तेला होकर अपने माशूक जितेन्द्र से शादी करने के खातिर उसने अपने मज़हब और घर दोनों को छोड़ दिया। फतेहपुर के आर्य समाज मंदिर में धर्म परिवर्तन किया। मध्‍य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित ओरछा के मंदिर में सात फेरे लिए।  16 साल तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा। अब प्रेमी ने यह कह कर उसे ठुकरा दिया कि वह पहले से शादीशुदा है।

महिला ने बांदा की कोर्ट में अर्जी लगाई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामला मटौंध के एक गांव का है। गांव में रहने वाली महिला को शहर में रहने वाले जितेंद्र सिंह से प्यार हो गया। प्रेमी ने शादी का प्रस्ताव रखा। इसके बाद 24 दिसंबर, 2008 में युवती ने मंदिर में विवाह किया।

इसके बाद 23 मई, 2009 को जितेंद्र ने युवती का नाम बदल दिया और आर्य समाज मंदिर में दोबारा शादी की। कोर्ट में दी गई अर्जी में महिला ने बताया कि जितेंद्र सिंह ने छल कपट से धर्म परिवर्तन कराया और विवाह कर यौन शोषण करता रहा। इस दौरान 11 नवंबर, 2011 को उनका एक बेटा पैदा हुआ। अब जितेंद्र ने अपने आप को विवाहित बताते हुए मुझे पत्नी और बेटे को पुत्र मानने से इन्कार कर दिया है।

महिला ने अर्जी में बताया कि विवाह से संबंधित साक्ष्य मेरे पास मौजूद है। जितेंद्र ने शादी से पहले अपने आप को अविवाहित बताया था। महिला ने इस मामले में थाना मटौंध में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। तब उसने कोर्ट में अर्जी लगाई। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इस संबंध में पुलिस का कहना है मामले की जांच की जा रही है।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *