आखिर हत्या के 40 दिन बाद बिहार पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, मृतक की बेटी ने ही संपत्ति के खातिर अपने पति, बेटे और बॉयफ्रेंड के साथ मिल कर रचा था हत्या की साजिश

अनिल कुमार
डेस्क: सहरसा पुलिस ने सड़क किनारे फेंके गए शव के बरामद होने के मामले में आखिरकार 40 दिन बाद ब्लाइंड केस का सफल खुलासा कर लिया है। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में भले ही पुलिस को 40 दिन लग गये। मगर रिश्तो को तार तार होते देख कर वह भी चौक पड़ी। इस घटना में मृतक की पुत्री भी शामिल थी, जिसको गिरफ्तार कर लिया गया है।

शव की शिनाख्त गांव के मदन सिंह के रूप में हुई थी, जिनके सगे भाई अशोक सिंह की पुत्री की शादी की तैयारी उनके घर पर चल रही थी। महज दो-तीन दिन बाद ही शादी का रस्म होना तय था। ऐसे में अचानक चाचा की मृत्यु से भतीजी की शादी का माहौल मातम में बदल गया था। सड़क किनारे मदन सिंह का शव इस तरह बरामद हुआ था। जैसे लग रहा था की उन्हें किसी वाहन ने ठोकर मार कर घायल कर दिया हो। जिससे उनकी मृत्यु हो गई हो। मगर पोस्टमार्टम में उनकी हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंक देने की पुष्टि हुई थी।
जिसके बाद पुलिस घटना के खुलासे में लग गई थी। एक महीने बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली थे। लोग उक्त हत्या को भूल भी गए थे। अचानक बुधवार की देर शाम पतरघट थाना अध्यक्ष द्वारा मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी की जानकारी मिली थी। जिसके बाद सभी आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई थी। गुरुवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी हिमांशु के निर्देश पर उनके नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित की गई थी।
उन्होंने बताया कि, गिरफ्तार सभी आरोपी ने बताया था कि पिता मदन सिंह ने अपने हिस्से की जमीन सहीत भाई अशोक सिंह की जमीन को बेच रहे थे। जिसकी सारी रकम अशोक सिंह की पुत्री की शादी में खर्च होती जो उन्हें मंजूर नहीं था। पिता के भाई प्रेम को देखकर उनकी पुत्री गुस्से में आ गई थी। ऐसे में पिता की हत्या कर उसकी पूरी संपत्ति हासिल करने के लिए षड्यंत्र रच रही थी, जिसमें उन्होंने अपने पुरुष मित्र अनतोष कुमार को पहले हत्या करने के लिए तैयार करने की कोशिश किया।
अभियुक्तों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि अन्तोश ने हत्या करने से मना कर दिया। ऐसे में मदन सिंह की पुत्री ने अपने पुत्र को भेज कर मदन सिंह को घर बुलवाया। फिर पति के साथ मिलकर घर में ही उनकी मारपीट कर हत्या कर दिया और पुरष मित्र के सहयोग से शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया। घटना का खुलासा करने वाले टीम में शामिल सभी पदाधिकारी को रिवॉर्ड दिया जाएगा। जिसकी अनुशंसा कर दी गई है।











