एचएस शब्लू बिल्डर पर जानलेवा हमले मामले में कुख्यात शाहिद पिच्चा सहित 6 नामज़द और 3 अज्ञात पर ऍफ़आईआर दर्ज, क्या मोनू पहाड़ी गैंग को मिल गया नया सरगना शाहिद पिच्चा? पढ़े मोनू पहाड़ी और पिच्चा के अपराधिक तरीके कैसे मिलते है

तारिक आज़मी
कानपुर: कानपुर में मंगलवार की रात हिस्ट्रीशीटर एजजुद्दीन उर्फ़ शब्लू बिल्डर की गोली मार कर हत्या के प्रयास मामले में मिल रही जानकारी के अनुसार घायल शब्लू का इलाज अस्पताल में चल रहा है। गोली उसके गर्दन में लगी है। चिकित्सक गोली निकालने हेतु आपरेशन के लिए मंथन कर रहे है। इस घटना में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर शाहिद पिच्चा सहित कुल आधा दर्जन नामज़द और 3 अज्ञात पर पुलिस ने ऍफ़आईआर दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता शब्लू का आरोप है कि मौके पर उसने एक हमलावर युसूफ चटनी को पहचान लिया था। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने फ़िरोज़ उर्फ़ भईया, शाहिद पिच्चा, शाहिद पिच्चा की माँ, शाहिद पिच्चा का के जीजा जीशन मोरंग और सनी मोरंग तथा युसूफ चटनी के खिलाफ नामज़द और 3 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दिया है। वही जानकारों की माने तो यह एक गैंगवार के संकेत भी देती हुई घटना है। सुना जाता है कि शब्लू ने अपराध जगत में नाम कमाया था जिसके बाद उसने सफ़ेदपोश बनकर भवन निर्माण का कार्य शुरू कर दिया था।

सूत्रों के अनुसार शब्लू और शाहिद पिच्चा एक दुसरे के विरोधी है। दोनों के गिरोह में पूर्व में भी छत्तीस का आंकड़ा रहता था। पुलिस ने शाहिद पिच्चा को अभी तीन दिन पहले ही मुठभेड़ पंचर करके गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों का मानना है कि इस मुठभेड़ में पिच्चा के गैंग को शक होगा कि यह मुखबिरी शब्लू ने किया होगा। शाहिद के ऊपर दर्ज़नों मुकदमे पंजीकृत हैं। ऐसे में एक दो मुक़दमे से उसकी दहशत इलाके में और बढ़ सकती है और अगर घटना शब्लू के साथ हो तो दबदबा और भी बढ़ जायेगा। शाहिद पिच्चा के मुठभेड़ में उसके पैरोकार सफ़ेदपोश उसको बचा नहीं पाए। अक्सर पुलिस वालो के साथ तस्वीरे खिचवाने वाले सज्जन शाहिद पिच्चा को समर्थन करते है यह बात जग ज़ाहिर है।












