यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को सजा-ए-मौत का दिन टला, ग्रैंड मुफ़्ती एपी अबूबकर मुसलियार की कोशिशे दिख रही कामयाब होते हुवे

तारिक खान
डेस्क: यमन में मौत की सज़ा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों से जानकारी मिल रही जानकारी के अनुसार यमन के स्थानीय प्रशासन ने 16 जुलाई 2025 को होने वाली उनकी मौत की सज़ा का दिन फिलहाल टाल दिया है। माना जा रहा है कि इस मामले में ग्रैंड मुफ़्ती अबुबकर मुसलियार की कोशिशो का नतीजा है।

यमन में निमिषा मामले में पावर ऑफ अटॉर्नी सैमुअल जेरोम ने कहा, ‘सब कुछ सकारात्मक दिशा में जा रहा है। आज (मंगलवार) के दिन के अंत तक कोई अच्छी ख़बर मिल सकती है। लेकिन यह फाँसी की सज़ा रद्द होने की ख़बर नहीं होगी। मौत की सज़ा का दिन सिर्फ़ टाला जाएगा। अब तक महदी के परिवार ने माफ़ी नहीं दी है। अगर वे माफ़ कर देते हैं, तभी मौत की सज़ा रद्द हो सकती है। फिलहाल हमारे पास केवल मौत की सज़ा का दिन टालने का विकल्प है, जिससे हमें परिवार से बातचीत के लिए और समय मिलेगा।’
सैमुअल जेरोम ने मीडिया को बताया था कि यमन सरकार से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। हम आधिकारिक आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं। सोमवार, 14 जुलाई को केरल के बेहद सम्मानित और प्रभावशाली मुस्लिम धर्मगुरु माने जाने वाले ग्रैंड मुफ़्ती एपी अबूबकर मुसलियार ने ‘यमन के कुछ शेखों’ से निमिषा प्रिया मामले को लेकर बात की। सुप्रीम कोर्ट के वकील और काउंसिल के सदस्य सुभाष चंद्रा ने मीडिया को बताया था, ‘सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल के सदस्यों ने ग्रैंड मुफ्ती से मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्होंने वहां (यमन) कुछ प्रभावशाली शेखों से बात की। हमें बताया गया है कि एक बैठक बुलाई गई है जिसमें मृतक के कुछ रिश्तेदारों सहित प्रभावशाली लोग भी मौजूद रहेंगे।’
इस मामले में कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ‘हमें जानकारी मिली है कि निमिषा प्रिया की मौत की सज़ा का दिन टल गया है। मैं उन लोगों को बधाई देना चाहता हूं जिनकी वजह से ये मुमकिन हो पाया। हम इस मामले को लेकर केंद्र सरकार के पास पहुंचे थे और हमने अपील की थी कि केंद्र सरकार इस मामले में दखल दे। लेकिन हमें जानकारी मिली है कि ग्रैंड मुफ़्ती एपी अबूबकर मुसलियार ने हस्तक्षेप किया है। केरल की महिला की जान बचाने में जो भी शामिल होगा, उनका स्वागत है।’










