पढ़े यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मौत की सज़ा का दिन टलवाने वाले 94 साल के ग्रैंड मुफ़्ती एपी अबुबकर मुसलियार कौन है ?

ईदुल अमीन

डेस्क: यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सज़ा के दिन को टाल दिया गया है। इस ख़बर के सामने आने के बाद 94 साल के कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के नाम की चर्चा है। निमिषा प्रिया को मौत की सज़ा से बचाने के लिए ज़रूरी है कि यमनी शख़्स तलाल अब्दो महदी का परिवार उन्हें माफ़ कर दे। निमिषा, तलाल अब्दो महदी की हत्या की दोषी क़रार दी गई हैं।

निमिषा प्रिया को बचाने के अभियान में लगी ‘सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल’ ने मंगलवार को बताया था कि सोमवार, 14 जुलाई को केरल के बेहद सम्मानित और प्रभावशाली मुस्लिम धर्मगुरु माने जाने वाले ग्रैंड मुफ़्ती एपी अबूबकर मुसलियार ने ‘यमन के कुछ शेख़ों’ से निमिषा प्रिया मामले को लेकर बात की।

सुप्रीम कोर्ट के वकील और काउंसिल के सदस्य सुभाष चंद्रा ने बताया था, ‘सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल के सदस्यों ने ग्रैंड मुफ़्ती से मुलाक़ात की थी, जिसके बाद उन्होंने वहां (यमन) कुछ प्रभावशाली शेख़ों से बात की। हमें बताया गया है कि एक बैठक बुलाई गई है जिसमें मृतक के कुछ रिश्तेदारों सहित प्रभावशाली लोग भी मौजूद रहेंगे।’ मुसलियार को अनौपचारिक तौर पर भारत के ‘ग्रैंड मुफ़्ती’ की उपाधि भी दी गई है,

उनको सुन्नी सूफ़ीवाद और शिक्षा में योगदान के लिए जाना जाता है। हालांकि महिलाओं पर दिए गए उनके बयानों की भी कई बार निंदा हो चुकी है।  केरल यूनिवर्सिटी के इस्लामिक हिस्ट्री के प्रोफ़ेसर अशरफ़ कडक्कल बीबीसी हिंदी से कहते हैं, ‘अपने अनुयायियों के लिए वह किसी पैग़ंबर की तरह हैं। कुछ लोग तो यह भी मानते हैं कि उनके पास जादुई शक्तियां हैं। वह बरेलवी संप्रदाय से आते हैं। सूफ़ी सम्मेलन में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मानित कर चुके हैं। लेकिन महिलाओं को लेकर उनके रवैये की बेहद आलोचना होती रही है।’

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