राहुल गाँधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग का सख्त जवाब: ‘आरोप निराधार, कांग्रेस के एजेंट्स कहाँ थे?’

आदिल अहमद
नई दिल्ली: राहुल गांधी द्वारा लगाए गए ‘चुनाव चोरी’ के गंभीर आरोपों पर अब संवैधानिक संस्था, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने भी सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राहुल गांधी के दावों को “निराधार” बताते हुए कांग्रेस पार्टी की कार्यप्रणाली पर ही बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
कांग्रेस के पोलिंग एजेंट्स पर सवाल
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए तर्क दिया कि अगर वोटर लिस्ट में लाखों फर्जी या डुप्लीकेट नाम थे, तो कांग्रेस पार्टी के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) और पोलिंग एजेंट्स ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई?
आयोग के सूत्रों ने PNN24 News को बताया:
“मतदाता सूची में सुधार और पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को पर्याप्त समय और अवसर दिया जाता है। कांग्रेस के BLAs ने सूची पुनरीक्षण के दौरान कोई दावा या आपत्ति दर्ज क्यों नहीं की? चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर उनके एजेंट्स क्या कर रहे थे?”
‘शून्य’ अपील और कानूनी चुप्पी
चुनाव आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि राहुल गांधी भले ही 25 लाख फर्जी वोटों का दावा कर रहे हों, लेकिन हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के खिलाफ मतदाता सूची को लेकर “शून्य अपील” (Zero Appeal) दर्ज की गई।
- आयोग ने बताया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणामों को चुनौती देने वाली केवल 22 चुनाव याचिकाएँ पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित हैं, जो कि 90 सीटों के मुकाबले काफी कम संख्या है।
- आयोग ने यह भी पूछा कि राहुल गांधी जिस ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)’ प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं (जिसके तहत डुप्लीकेट, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं को हटाया जाता है), क्या वह उसका समर्थन करते हैं या विरोध?
‘हाउस नंबर ज़ीरो’ पर स्पष्टीकरण
राहुल गांधी ने ‘हाउस नंबर ज़ीरो’ वाले पतों पर दर्ज मतदाताओं को भी फर्जी बताया था। इस पर आयोग ने स्पष्ट किया कि ‘हाउस नंबर ज़ीरो’ उन घरों से संबंधित हो सकते हैं, जहाँ पंचायतों या नगर पालिकाओं ने अभी तक आधिकारिक घर नंबर आवंटित नहीं किए हैं।
राहुल गांधी के दावों को बेबुनियाद बताया
कुल मिलाकर, चुनाव आयोग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राहुल गांधी के आरोप ठोस सबूतों के अभाव में केवल राजनीतिक बयानबाजी हैं। आयोग ने राहुल गांधी से यह भी पूछा कि यदि डुप्लीकेट वोट थे भी, तो वह यह निश्चित रूप से कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने सिर्फ बीजेपी को ही वोट दिया होगा, न कि कांग्रेस को? चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा है कि वह पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है और किसी भी नागरिक या पार्टी को सबूतों के साथ शिकायत दर्ज करने के लिए उसके दरवाजे हमेशा खुले हैं।











