‘कोई कन्फ़्यूज़न नहीं…!’ सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने मिलकर दिया संदेश, बोले- 2028 है हमारा एजेंडा

तारिक खान
PNN24 न्यूज़ डेस्क: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में नेतृत्व और मतभेद को लेकर चल रही तमाम अटकलों और मीडिया रिपोर्ट्स पर विराम लगाते हुए, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। दोनों नेताओं ने एक सुर में कहा कि पार्टी हाईकमान जो भी तय करेगा, वह उन्हें मान्य होगा और उनके बीच कोई मतभेद नहीं है।
‘कल से कोई कन्फ़्यूज़न नहीं होगा’
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मीडिया के सामने आकर सबसे पहले मतभेद की खबरों को खारिज किया और सीधे तौर पर मीडिया के एक हिस्से पर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया।
- हाईकमान का फैसला सर्वोपरि: सीएम सिद्धारमैया ने कहा, “हमने तय किया है कि हाईकमान जो भी कहेगा, हम मानेंगे। कल से कोई कन्फ़्यूज़न नहीं होगा। अभी भी कोई कन्फ़्यूज़न नहीं है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स ने अनावश्यक रूप से भ्रम की स्थिति पैदा की है।
- मतभेद सिरे से खारिज: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में दोहराया, “हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे।” यह बयान कांग्रेस की राज्य इकाई में एकजुटता बनाए रखने की मजबूत कोशिश को दर्शाता है।
2028 है मुख्य एजेंडा
दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि उनकी प्राथमिकता व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएँ नहीं, बल्कि पार्टी का भविष्य और कर्नाटक का विकास है।
- चुनाव पर फोकस: सिद्धारमैया ने कहा, “हमारा एजेंडा 2028 के चुनाव हैं।” उन्होंने बताया कि बैठक में उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की, जिसे उन्होंने ‘ज़रूरी’ बताया।
- एकजुट होकर लड़ेंगे: उन्होंने आगे कहा, “हमने 2028 के चुनावों में कांग्रेस को वापस लाने पर भी चर्चा की। हमने चर्चा की कि हम साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे।” इस बयान ने यह संकेत दिया है कि दोनों नेता लंबे समय तक साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शिवकुमार की सहमति
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मौजूद उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी सीएम सिद्धारमैया के हर बयान का समर्थन किया। उनके संयुक्त रूप से सामने आने से उन अटकलों को बल मिला है कि कांग्रेस हाईकमान ने दोनों नेताओं को एकजुटता दिखाने और विवाद को खत्म करने का सख्त निर्देश दिया है।
कर्नाटक कांग्रेस के इन दो सबसे बड़े चेहरों का एक मंच पर आना और एक ही बात कहना, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक सकारात्मक संदेश भेजेगा, जो आगामी चुनावों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब यह देखना होगा कि यह ‘नो कन्फ्यूजन’ वाला संदेश ज़मीन पर कितनी मजबूती से टिका रहता है।











