दालमंडी चौडीकरण: सवाल ये नहीं कि ‘सरकारी कार्य में बाधा पहुचाने में सपा नेता इमरान बब्लू गिरफ्तार,’ सवाल ये है कि ऐसा ही मुकदमा उसके ऊपर भी है जो नेता लेकर गए, उन पर मेहरबानी क्यों ?
जिस प्रकार का अपराध अदनान पर दर्ज है वैसा ही अपराध इमरान बब्लू के द्वारा कारित किये जाने का आरोप है। मगर एक की गिरफ़्तारी और दुसरे की नही ये एक बड़ा सवाल पैदा करता है। वैसे मुमकिन ये भी है कि अदनान और उनके पिता मुख़्तार के द्वारा अपने ऊपर दर्ज ऍफ़आईआर में ज़मानत ले लिया गया हो? मगर इसकी पुष्ट जानकारी नहीं है।

शफी उस्मानी
वाराणसी: वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र स्थित दालमंडी निवासी समाजवादी पार्टी के नेता इमरान बब्लू को चौक पुलिस ने आज शाम नई सड़क स्थित ‘नाटे पप्पू’ की दूकान के पास एक महिला मीडिया कर्मी को बयान देते वक्त गिरफ्तार कर लिया। इमरान बब्लू पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा पहुचाया है। मामला पिछले दिनों चौक थाने पर दर्ज हुआ था। गिरफ़्तारी दालमंडी चौकी इंचार्ज और इस मामले में विवेचक प्रकाश सिंह चौहान के द्वारा किया गया।

इमरान बब्लू पर आरोप है कि इसके बाद मदीना कटरे पर जब प्रशासन वाराणसी विकास प्राधिकरण के साथ कार्यवाई करने के लिए मौजूद रहा तब मौके पर विरोध प्रदर्शन में भी इमरान बब्लू का नाम था। इसी विरोध प्रदर्शन में इमरान बब्लू सहित भवन स्वामी और अन्य अज्ञात पर ऍफ़आईआर दर्ज हुई थी। इसमें भी आरोप सरकारी कार्य में बाधा डालने का था। इस ऍफ़आईआर के बाद बताया जा रहा है कि पुलिस मामले में गिरफ़्तारी का प्रयास कर रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार आज मुखबिर से मिली सुचना पर नई सड़क स्थित कपडा मार्किट से इमरान बब्लू को गिरफ्तार किया गया है।
इस गिरफ़्तारी के बाद दालमंडी इलाके में हडकंप मच गया और आनन् फानन में दुकाने बंद हो गई। गिरफ़्तारी जिस समय हुई थी उसी समय प्रभावितों से वार्ता करने के लिए कांग्रेस द्वारा भेजे गए अधिवक्ताओं की बैठक प्रभावितों के साथ दालमंडी इलाके में चल रही थी। गिरफ़्तारी की जानकारी होते ही दालमंडी के दूकानदार थाने पर जमा होने लगे। साथ ही अधिवक्ताओ ने भी थाने का रुख किया। काफी देर तक चली प्रशासन और स्थानीय कारोबारियों के बीच वार्ता के बावजूद भी कोई निष्कर्ष नही निकला और पुलिस ने इमरान बब्लू की गिरफ़्तारी कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक गिरफ़्तारी के धाराओं की पुष्टि नहीं हुई है।
बड़ा सवाल ‘दुसरे पर भी तो यही आरोप है, उसकी गिरफ़्तारी क्यों नही हुई?’
इस मामले में पुलिस गिरफ़्तारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वायरल वीडियो में भीड़ इकठ्ठा हो जाती है और नई सड़क पर स्थित लंगड़े हाफ़िज़ मस्जिद के पास ही भीड़ द्वारा पुलिस को रोक लिया जाता है। पुलिस बल से जनता सवालो की झड़ी लगा देती है। तभी अचानक सुचना पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अदनान पहुचते है और पुलिस को सहयोग देते हुवे दिखाई देते है तथा इमरान बब्लू को आश्वस्त करते है कि हम साथ लेकर चलते है और साथ लेकर वापस आयेगे। कुछ नही होगा। एसआई प्रकाश सिंह चौहान के बाइक पर बीच में इमरान बब्लू को बैठा कर खुद अदनान थाने तक जाते है। जहा इमरान बब्लू को गिरफ्तार कर लिया जाता है।
अब एक बड़ा सवाल ये है कि जिस प्रकार के आरोप इमरान बब्लू के ऊपर है वैसा ही आरोप अदनान और उनके पिता मुख़्तार उर्फ़ नाटे पप्पू पर भी है। अदनान खुद इमरान बब्लू के साथ थाना चौक जाते है। मगर अदनान की गिरफ़्तारी नही होती है। जबकि हकीकत ये भी है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण के द्वारा उनके भवन पर कार्यवाई के लिए जितना विरोध का सामना प्रशासन को वहाँ करना पड़ा उतना विरोध तो मदीना कटरा पर भी नही हुआ था। वहाँ तो हालात बिगड़ते हुवे माहोल की तरफ इशारा कर रहे थे। ऐसे में जिस प्रकार का अपराध अदनान पर दर्ज है वैसा ही अपराध इमरान बब्लू के द्वारा कारित किये जाने का आरोप है। मगर एक की गिरफ़्तारी और दुसरे की नही ये एक बड़ा सवाल पैदा करता है। वैसे मुमकिन ये भी है कि अदनान और उनके पिता मुख़्तार के द्वारा अपने ऊपर दर्ज ऍफ़आईआर में ज़मानत ले लिया गया हो? मगर इसकी पुष्ट जानकारी नहीं है।











