बिहार में पेश हुई इंसानियत की मिसाल…! जवान बेटे की मौत के बाद बक्सर के जनार्दन सिंह ने मुसलमानों को एक बीघा जमीन दी क़ब्रिस्तान के लिए

तारिक आज़मी
PNN24 न्यूज़: बिहार के बक्सर ज़िले में एक हृदय विदारक घटना के बाद साम्प्रदायिक सद्भाव की एक अविस्मरणीय मिसाल पेश की गई है। चौसा ब्लॉक की रामपुर पंचायत के देबी डीहरा गांव निवासी जनार्दन सिंह ने अपने 25 वर्षीय जवान बेटे की दुखद मृत्यु के बाद मुसलमानों को क़ब्रिस्तान बनाने के लिए अपनी एक बीघा ज़मीन दान कर दी है।

बेटे की याद में सबसे बड़ा दान
जनार्दन सिंह, जो देहरादून में आयुर्वेदिक दवाओं के कच्चे माल का व्यापार करते हैं, उनके सबसे बड़े बेटे शिवम सिंह की मौत 18 नवंबर को देहरादून में एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी।
- बेटे का स्वभाव: जनार्दन सिंह ने बताया, “मेरा शिवम बहुत ही शांत और मिलनसार बच्चा था। दूसरे धर्मों के प्रति सम्मान, जानवरों से प्रेम उसके स्वभाव में था।”
- अंतिम संस्कार से प्रेरणा: बनारस के मणिकर्णिका घाट पर बेटे का दाह संस्कार करने के बाद उन्हें लगा कि हर मनुष्य की विदाई अच्छे से होनी चाहिए।
- दान का कारण: उन्होंने कहा, “मुझे अपने गांव के बगल के मुस्लिम परिवारों का ख़याल आया कि वह लोग एक क़ब्रिस्तान के लिए परेशान हैं। इसलिए मैंने यह फ़ैसला लिया। हमारे बेटे की याद में इससे बड़ी चीज़ क्या हो सकती है?”
देशभक्तों के परिवार की जिम्मेदारी
जनार्दन सिंह का परिवार एक संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार है। उनकी माँ शारदा देवी रामपुर पंचायत की सरपंच हैं। परिवार का फ़ौज से भी गहरा नाता रहा है; उनके दादा मोती सिंह ने 1961 के गोवा मुक्ति संग्राम में भाग लिया था।
- सामाजिक जिम्मेदारी: जनार्दन सिंह कहते हैं, “हमारे दादा फ़ौज में थे। हम देशभक्तों के परिवार के रहे हैं और समाज के लिए काम करना हम अपनी ज़िम्मेदारी मानते हैं।”
कमेटी करेगी ज़मीन की देखरेख
ज़मीन को हस्तांतरित करने और उसके इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए क़ानूनी प्रक्रिया पर काम चल रहा है।
- कमेटी का गठन: जनार्दन सिंह के भाई और वकील बृजराज सिंह ने बताया कि ज़मीन की देखरेख के लिए एक कमेटी बनाने पर काम चल रहा है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग शामिल होंगे।
- उद्देश्य: इस कमेटी के दो मुख्य काम होंगे: ज़मीन का उपयोग केवल क़ब्रिस्तान के लिए सुनिश्चित करना और रख-रखाव करना।
- पहला कदम: अभी इस ज़मीन पर धान लगा है। बृजराज सिंह ने बताया कि “इस फ़सल को काटकर जो रक़म मिले उससे कमेटी क़ब्रिस्तान की घेराबंदी करवाएगी।”
यह ज़मीन अब जनार्दन सिंह के संयुक्त हिंदू परिवार का कोई दावा न होने के साथ, मुस्लिम भाइयों को सदा के लिए समर्पित कर दी गई है।











