बिहार के नवादा में मॉब लिंचिंग..! मरने के पहले कपड़ा व्यापारी अतहर हुसैन ने बताया ‘पैंट खोल कर देखा मुसलमान है, प्लायर से तोड़ी उंगली,’ इलाज के दौरान हुई अस्पताल में मौत, दो मुकदमों के बीच फंसा सवाल- ‘क़ातिल कौन और क़सूरवार कौन?’

ईदुल अमीन

PNN24 न्यूज़, नवादा (बिहार)। बिहार के नवादा ज़िले के रोह थाना क्षेत्र के भट्टा गाँव में 5 दिसंबर 2025 को हुई दिल दहला देने वाली मॉब लिंचिंग में घायल कपड़ा व्यापारी मोहम्मद अतहर हुसैन (40) की शुक्रवार देर रात बिहारशरीफ सदर अस्पताल में मौत हो गई। अतहर हुसैन नालंदा ज़िले के गगन डीह मोहल्ला के निवासी थे और पिछले 20 वर्षों से नवादा क्षेत्र में फेरी लगाकर कपड़ा बेचते थे।

अतहर हुसैन की मौत के बाद यह मामला और भी पेचीदा हो गया है, क्योंकि अब यह एक ही घटना से जुड़े दो विरोधी मुकदमों के बीच उलझ गया है।

पत्नी ने 10 नामजद आरोपियों पर दर्ज कराया हत्या का मुकदमा

मृतक अतहर हुसैन की पत्नी शबनम परवीन ने नवादा थाने में संगीन आरोपों के साथ एक बड़ा मुकदमा दर्ज कराया है।

  • नामजद आरोपी: शबनम परवीन ने साफ़ तौर पर 10 लोगों को नामजद (सत्यनारायण कुमार, मंटू यादव, सोनू कुमार, सतीश कुमार, सिकंदर यादव, रामस्वरूप यादव, रंजन कुमार, विपुल कुमार, सचिन कुमार और सुगन यादव) आरोपी बनाया है, जबकि 10 से 15 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज कराया गया है।
  • गंभीर आरोप: शबनम का आरोप है कि इन लोगों ने उसके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की, उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया और 8000 नक़द भी छीन लिया।
  • शक के आधार पर ज़ुल्म‘: पत्नी का कहना है कि उनके पति को केवल शक़ के आधार पर भीड़ ने अपना निशाना बनाया और इंसाफ़ की जगह ज़ुल्म का रास्ता चुना। अतहर की साइकिल और कपड़े आज तक बरामद नहीं हुए हैं, जो वारदात को संदिग्ध बनाता है।

पुलिस रिकॉर्ड में ‘चोरी’ का भी मामला

एक तरफ़ जहाँ मृतक की पत्नी ने मारपीट और हत्या का मामला दर्ज कराया है, वहीं पुलिस रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि घटना वाले दिन ही अतहर हुसैन के ख़िलाफ़ चोरी का एक अलग मामला दर्ज किया गया था।

  • चोरी की FIR: पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी सिकंदर यादव ने 5 दिसंबर को ही अतहर हुसैन के ख़िलाफ़ चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था।
  • आरोप: सिकंदर यादव का आरोप था कि रात करीब 10:15 बजे अतहर उनके घर में घुसकर चोरी कर रहा था, जिसमें सोने का कंगन, मंगलसूत्र, चांदी की कमरधनी सहित कई सामान चोरी हुए थे।
  • एक ही दिन दो मुकदमे: चौंकाने वाली बात यह है कि 5 दिसंबर को ही आपातकालीन सेवा 112 की कॉल के बाद पुलिस ने अतहर को कस्टडी में लिया था। उसी समय सिकंदर यादव ने चोरी की FIR दर्ज कराई, और शबनम परवीन ने अपने पति के साथ मारपीट का मामला दर्ज कराया था।

चोरी का आरोप लगने और मॉब लिंचिंग में मौत होने से यह मामला अत्यधिक पेचीदा हो गया है। अतहर हुसैन ने मरने से पहले 7 दिसंबर को कैमरे पर अपना दर्दनाक बयान भी दर्ज कराया था, जो अब इस मामले की जाँच में एक अहम सबूत साबित हो सकता है। अब देखना यह है कि जाँच में सच की कौन सी परत खुलती है।

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