सीमा पर नया विवाद: बांग्लादेश का दावा— BSF ने 14 भारतीयों को जबरन सीमा पार धकेला, नागरिकता के दस्तावेज भी छीनने का आरोप

शफी उस्मानी
चुआडांगा (बांग्लादेश): भारत और बांग्लादेश की सीमा पर एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। बांग्लादेश पुलिस और बॉर्डर गार्ड्स (BGB) ने आरोप लगाया है कि भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने शुक्रवार दोपहर चुआडांगा जिले की दर्शना सीमा के रास्ते 14 भारतीय नागरिकों को जबरन बांग्लादेशी क्षेत्र में धकेल दिया है।

“खाना बनाते समय उठा ले गए जवान” – पीड़ितों का दावा स्थानीय पत्रकार फैज़र चौधरी के मुताबिक, पकड़े गए समूह के सदस्यों ने दर्दनाक आपबीती सुनाई है। उन्होंने दावा किया कि:
- शुक्रवार दोपहर जब वे अपने घरों में खाना बना रहे थे, तभी BSF के जवान आए और उन्हें अपने साथ ले गए।
- उनके पास मौजूद भारतीय नागरिकता से जुड़े तमाम दस्तावेज (आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि) कथित तौर पर ज़ब्त कर लिए गए।
- इसके बाद उन्हें जबरन बांग्लादेश की सीमा के अंदर धकेल दिया गया।
बीएसएफ (BSF) का रुख: हालांकि बांग्लादेशी मीडिया और पुलिस द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर अभी तक भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या खंडन जारी नहीं किया गया है। आमतौर पर BSF घुसपैठ रोकने के लिए ‘पुश-बैक’ की कार्रवाई करती है, लेकिन भारतीय नागरिकों को ही सीमा पार भेजने का यह दावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर सकता है।
सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग: यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत में ‘बांग्लादेशी’ होने के संदेह में कई जगहों पर प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में और कड़वाहट आ सकती है।








