बजट से पहले रेलवे का झटका: रेल किराये में हुई बढ़ोतरी, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा बोले- “चुपचाप भाड़ा बढ़ाकर मोदी सरकार ने पार की निम्नता”

आदिल अहमद
नई दिल्ली: आम आदमी की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेलवे के सफर पर अब महंगाई की मार पड़ने वाली है। रेलवे ने अपने किराये के ढांचे में कई बदलाव किए हैं, जो 26 दिसंबर 2025 से लागू हो जाएंगे। बजट से ठीक कुछ हफ्ते पहले लिए गए इस फैसले पर सियासत गरमा गई है और कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

कितना बढ़ेगा आपकी जेब पर बोझ? रेलवे द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार किराये में बढ़ोतरी इस प्रकार है:
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जनरल क्लास: 215 किलोमीटर तक के सफर के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, इससे अधिक की दूरी के लिए 1 पैसा प्रति किलोमीटर अतिरिक्त देना होगा।
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मेल/एक्सप्रेस (नॉन एसी): नॉन एसी क्लास के यात्रियों को 2 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से बढ़ा किराया देना होगा। राहत की बात यह है कि 500 किमी या उससे अधिक की दूरी के लिए अधिकतम बढ़ोतरी 10 रुपये तक ही सीमित रखी गई है।
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एसी क्लास: प्रीमियम सफर करने वाले यात्रियों को भी अब 2 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से अधिक भुगतान करना होगा।
सरकार को होगी 600 करोड़ की कमाई: रेलवे का तर्क है कि इस मामूली बढ़ोतरी से विभाग को लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी, जिसका उपयोग सेवाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए किया जा सकता है। लेकिन विपक्ष का सवाल है कि जब बजट सत्र करीब है, तो ऐसी घोषणाएं पिछले दरवाजे से क्यों की जा रही हैं?










