जयपुर में राजपूत हॉस्टल पर कब्जे को लेकर रणक्षेत्र बना सिंधी कैंप; पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा समेत 12 पर FIR, आगजनी और कैश जलाने का आरोप

मो0 कुमेल
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर का सिंधी कैंप इलाका शनिवार को उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब यहाँ स्थित राजपूत छात्रावास पर कब्जे को लेकर पुराना विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा के नेतृत्व में 100 से अधिक लोगों ने छात्रावास में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस ने इस मामले में गुढ़ा और बद्री सिंह राजावत सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस के पहुँचते ही खुला दरवाजा, अंदर मिले राजेंद्र गुढ़ा: घटना की सूचना मिलते ही जालूपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने जब छात्रावास का दरवाजा खुलवाया, तो बाहर निकलने वाले लोगों में पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि वे अपने समर्थकों के साथ छात्रावास परिसर के अंदर ही मौजूद थे।
विवाद की जड़: दो संघों के बीच वर्चस्व की लड़ाई इस छात्रावास के मालिकाना हक और प्रबंधन को लेकर तोरावाटी-शेखावाटी भोमिया संघ और राजपूत सभा भवन के बीच लंबे समय से कानूनी और सामाजिक विवाद चल रहा है। शनिवार की घटना इसी वर्चस्व की लड़ाई का हिंसक परिणाम मानी जा रही है।
पुलिसिया कार्रवाई और धाराएं: पुलिस ने राजेंद्र सिंह गुढ़ा और अन्य के खिलाफ:
- जबरन कब्जा करने की कोशिश,
- आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने,
- भारतीय मुद्रा (कैश) को नष्ट करने,
- और शांति भंग करने के आरोपों में मामला दर्ज किया है।
इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज (यदि आसपास के अन्य कैमरों में उपलब्ध हो) और चश्मदीदों के आधार पर आरोपियों की पहचान पुख्ता कर रही है।
मुख्य बिंदु: राजपूत हॉस्टल विवाद
- आरोपी: पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा, बद्री सिंह राजावत व अन्य।
- नुकसान: 30 हजार कैश, वार्डन का कमरा, जरूरी दस्तावेज और DVR।
- पुलिस स्टेशन: जालूपुरा थाना, जयपुर।











