उन्नाव कांड में नया मोड़: कुलदीप सेंगर की बेटी ने तोड़ी चुप्पी; पीड़िता के बयानों और उम्र पर उठाए गंभीर सवाल, कहा— “हमें भी न्याय का हक है”

तारिक खान
नई दिल्ली/उन्नाव: उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद, अब सेंगर की बेटी का भावुक और तथ्यात्मक बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले आठ सालों से उनका परिवार न केवल कानूनी बल्कि मानसिक और सामाजिक युद्ध लड़ रहा है, लेकिन उनकी बात को अनसुना किया जा रहा है।

उम्र और लोकेशन को लेकर किए ये दावे: सेंगर की बेटी ने अपने बचाव में तीन मुख्य बिंदु रखे:
- मेडिकल रिपोर्ट: उन्होंने दावा किया कि AIIMS के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में दर्ज है कि घटना के वक्त युवती की उम्र 18 साल से अधिक थी।
- लोकेशन: कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कथित घटना के समय कुलदीप सेंगर उस जगह मौजूद ही नहीं थे।
- फोन रिकॉर्ड: उन्होंने दावा किया कि जिस समय की घटना बताई जा रही है, उस समय युवती खुद फोन पर किसी और से बात कर रही थी।
सड़क हादसे और पिता की मौत पर सफाई: सेंगर की बेटी ने उन आरोपों को भी खारिज किया जो अक्सर चर्चा में रहते हैं:
- सड़क हादसा: उन्होंने याद दिलाया कि रायबरेली सड़क हादसे में, जिसमें पीड़िता घायल हुई थी, CBI और IIT दिल्ली की जांच के बाद उनके परिवार को बरी किया जा चुका है। जांच में इसे एक ‘प्राकृतिक दुर्घटना’ माना गया था।
- हिरासत में मौत: उन्होंने कहा कि पीड़िता के पिता की मौत के समय सेंगर शहर में नहीं थे, फिर भी उन्हें धारा 120-बी (साजिश) के तहत लपेट लिया गया।
- गवाहों की स्थिति: उन्होंने उन रिपोर्ट्स को गलत बताया जिनमें दावा किया गया कि मामले के गवाहों की मौत हो गई है।
“गरिमा और शांति छीन ली गई” बेहद भावुक अंदाज में उन्होंने कहा कि समाज और सिस्टम ने उनके परिवार से गरिमा के साथ जीने का बुनियादी अधिकार छीन लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऊपरी अदालत तथ्यों को देखेगी और उनके परिवार को न्याय मिलेगा।










