तुलनात्मक रिपोर्ट: मनरेगा (MGNREGA) बनाम विकसित भारत-जी राम जी (GRAM JI) बिल 2025

निलोफर बानो
डेस्क: केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया नया बिल ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)‘ यानी GRAM JI, ग्रामीण रोजगार की दिशा में एक बड़े बदलाव का संकेत है। यहाँ इन दोनों के बीच के प्रमुख अंतरों और नए प्रावधानों का विश्लेषण दिया गया है:
1. नाम और पहचान (Identity)
- मनरेगा (MGNREGA): इसका पूरा नाम ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ है। यह नाम राष्ट्रपिता की ग्रामीण आत्मनिर्भरता की सोच को समर्पित था।
- जी राम जी (GRAM JI): इसका पूरा नाम ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ है। विपक्ष का आरोप है कि ‘जी राम जी’ शब्द का चयन एक विशेष राजनीतिक विमर्श (Political Narrative) को बढ़ावा देने के लिए किया गया है, जबकि सरकार इसे ‘ग्रामीण आजीविका’ का संक्षिप्त रूप बता रही है।
2. रोजगार की गारंटी (Guarantee of Work)
- मनरेगा: यह एक कानूनी गारंटी देता है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का अकुशल शारीरिक कार्य मिलेगा। काम न मिलने पर ‘बेरोजगारी भत्ता’ का प्रावधान है।
- जी राम जी: सरकार का दावा है कि यह मिशन न केवल रोजगार की गारंटी देगा, बल्कि इसे ‘आजीविका‘ (Livelihood) से भी जोड़ेगा। हालांकि, विपक्षी दलों को डर है कि “मिशन” शब्द इसे “अधिनियम” (Act) की तुलना में कमजोर कर सकता है और कानूनी बाध्यता कम हो सकती है।
3. कौशल विकास और आजीविका (Skill Development)
- मनरेगा: मुख्य रूप से अकुशल (Unskilled) श्रम (जैसे खुदाई, सड़क निर्माण) पर केंद्रित है।
- जी राम जी: इस बिल में कौशल विकास (Skill Building) पर अधिक जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को केवल मजदूर न बनाकर उन्हें हुनरमंद बनाना है ताकि वे अन्य क्षेत्रों में भी स्वरोजगार कर सकें।
4. परिसंपत्ति निर्माण (Asset Creation)
- मनरेगा: इसमें सामुदायिक संपत्तियों (तालाब, कुएं) के निर्माण पर जोर रहता है।
- जी राम जी: इसमें ‘विकसित भारत‘ के लक्ष्य के तहत टिकाऊ और आधुनिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है, जो सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा से जोड़े।
तुलनात्मक तालिका (At a Glance)
| विशेषता | मनरेगा (MGNREGA) | विकसित भारत-जी राम जी (GRAM JI) |
| मुख्य केंद्र | अकुशल शारीरिक श्रम | रोजगार + कौशल आधारित आजीविका |
| कानूनी दर्जा | संसद द्वारा पारित ‘अधिनियम’ (Act) | नया प्रस्तावित बिल (2025) |
| फोकस | गरीबी उन्मूलन | विकसित भारत @2047 का लक्ष्य |
| प्रशासनिक नियंत्रण | ग्रामीण विकास मंत्रालय | ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्रालय (एकीकृत दृष्टिकोण) |
विपक्ष की मुख्य चिंताएं
- कानूनी अधिकार: क्या नया बिल 100 दिन के काम के ‘कानूनी अधिकार’ को सुरक्षित रखेगा या इसे केवल एक सरकारी योजना (Scheme) बना देगा?
- नाम का राजनीतिकरण: महात्मा गांधी का नाम हटाकर ‘जी राम जी’ जोड़ना प्रतीकात्मक राजनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
- फंड आवंटन: क्या नए बिल के तहत राज्यों (जैसे पश्चिम बंगाल) को मिलने वाले फंड की प्रक्रिया और जटिल हो जाएगी?











