मनरेगा से ‘महात्मा गांधी’ का नाम हटाने पर सियासी घमासान…! अभिषेक बनर्जी का केंद्र पर हमला, कहा “यही बीजेपी की नजर में गांधी का महत्व है”

मो0 शरीफ
PNN24 न्यूज़ डेस्क: केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत- जी राम जी’ (Viksit Bharat- GRAM JI) बिल लाने के प्रस्ताव पर देश की राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस कदम को लेकर मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया है।

“गांधी का नाम हटाना बीजेपी की असलियत”
अभिषेक बनर्जी ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
- गांधी का अपमान: उन्होंने कहा, “योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना यह दर्शाता है कि मोदी और बीजेपी सरकार की नज़रों में महात्मा गांधी का क्या महत्व है।”
- जवाबदेही पर सवाल: बनर्जी ने केवल नाम बदलने को लेकर तंज कसते हुए कहा कि नाम बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी। उन्होंने सरकार से पूछा कि उनकी जवाबदेही कहाँ है?
“बंगाल का 50 हज़ार करोड़ रुपये बकाया”
अभिषेक बनर्जी ने इस दौरान पश्चिम बंगाल के साथ हो रहे कथित सौतेले व्यवहार का मुद्दा भी ज़ोर-शोर से उठाया।
- फंड रोकने का आरोप: उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने पिछले चार-पांच सालों से मनरेगा के तहत पश्चिम बंगाल का पैसा रोक रखा है।
- बकाया राशि: अभिषेक बनर्जी ने कहा, “मनरेगा में बंगाल का क़रीब 50 हज़ार करोड़ रुपये ड्यू (बकाया) है। योजना का नाम बदलने से क्या होगा, पहले बकाया चुकाइये।”
क्या है नया ‘जी राम जी’ (GRAM JI) बिल?
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत- गारंटी फ़ॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘विकसित भारत- जी राम जी’ बिल 2025 पेश किया।
- विपक्ष का एकजुट विरोध: कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इस बिल को पेश किए जाने का पुरजोर विरोध किया है। विपक्ष का तर्क है कि यह न केवल महात्मा गांधी की विरासत पर हमला है, बल्कि ग्रामीण रोजगार की गारंटी को कमजोर करने की कोशिश भी हो सकती है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि संसद के पटल पर इस नए बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव क्या रूप लेता है।










