विवादों में मोहन भागवत का बयान….! ‘तिरुपरनकुंद्रम मुद्दा हिंदुओं के पक्ष में ही सुलझेगा’, कहने पर तमिलनाडु में सियासी बवाल

आदिल अहमद
PNN24 न्यूज़, चेन्नई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के तमिलनाडु दौरे पर एक विवादास्पद बयान ने राज्य की राजनीति में गरमाहट पैदा कर दी है। आरएसएस के 100 साल पूरे होने के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने तमिलनाडु पहुँचे भागवत ने तिरुपरनकुंद्रम मुद्दे पर टिप्पणी की, जिस पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भागवत का दावा: ‘हिंदुओं के पक्ष में सुलझेगा मुद्दा’
बुधवार को तिरुचिरापल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा कि तमिलनाडु में हिंदुओं की जागृति ही मनचाहा नतीजा लाने के लिए काफी है।
- जागृति काफी है: उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में हिंदुओं की जागृति मनचाहा नतीजा लाने के लिए काफ़ी है। लेकिन अगर मामले को आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ी, तो हिंदू संगठन तमिलनाडु में भी काम कर रहे हैं और वे हमें बताएंगे।”
- मुद्दे का परिणाम: भागवत ने स्पष्ट दावा किया, “हमें इसे आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन, एक बात पक्की है कि यह मुद्दा हिंदुओं के पक्ष में ही सुलझेगा।”
कांग्रेस का पलटवार: ‘तमिलनाडु में आग भड़काने आए हैं’
मोहन भागवत के इस बयान पर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और उन पर राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
- आग भड़काने का आरोप: मनिकम टैगोर ने कहा, “मोहन भागवत तमिलनाडु में आग भड़काने के पहुंचे हैं। तमिलनाडु में ये काम नहीं करेगा, तमिलनाडु के लोग इसे ख़ारिज कर देंगे।”
क्या है तिरुपरनकुंद्रम विवाद?
यह पूरा विवाद पिछले हफ्ते तब शुरू हुआ, जब तिरुपरनकुंद्रम में कार्थिगई दीपम हिंदू पर्व को लेकर दक्षिणपंथी ग्रुप के सदस्यों की पुलिस के साथ झड़प हो गई।
- कोर्ट का दखल: एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की अपील पर, जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने पहाड़ी के टॉप पर दीप जलाने की अनुमति दी थी।
- महाभियोग की अर्जी: हालाँकि, तमिलनाडु के सांसदों ने जस्टिस स्वामीनाथन पर महाभियोग (Impeachment) चलाने की अर्जी दी है, जिससे यह मामला और भी गहरा गया है।
मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में पहले से ही धार्मिक और राजनीतिक तनाव गहराया हुआ है, और उनके इस दावे से विवाद को और हवा मिल गई है।










