वाराणसी: SOG-2 और सिगरा पुलिस की देहव्यापार सम्बन्धित फ़्लैट नम्बर 112 पर हुई कार्यवाई पर भाजपा नेत्री शालिनी यादव की दो टुक ‘उस फ़्लैट की मालकिन मैं कभी नहीं रही, बोले अरुण यादव ‘पूरी लिखा पढ़ी के साथ किराय पर दिया फ़्लैट’

सारा अंसारी
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात SOG-2 और सिगरा पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया गया था। पुलिस की यह कार्यवाई सुबह होते होते शहर में ही नही बल्कि पुरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गई है। इसका प्रमुख कारण ये है कि जिस फ्लैट नमबर 112 पर छापेमारी हुई थी उसका मालिकाना हक़ पूर्व सपा और वर्तमान भाजपा नेत्री शालिनी यादव के पति अरुण यादव का बताया गया।

उन्होंने कहा कि जानबूझकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। अरुण यादव तथा उनकी पत्नी भाजपा नेत्री शालिनी यादव ने बताया कि पुलिस ने मेलोडी सपा से 10 लोगों की गिरफ्तारी दिखाई है। जबकि सिर्फ तीन महिलाओं को पूछताछ हेतु थाने लाया गया तथा उन्हें उसी दिन छोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों घटनाओं में अलग-अलग ऍफ़आईआर दर्ज है। किसी भी ऍफ़आईआर में फ्लैट मालिक के उनके परिवार का नाम नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लैट 1999 से उनके पति अरुण यादव के स्वामित्व में है और हमेशा विधिवत किराएदारी अनुबंध पर किराए पर दिया गया है। वर्तमान किराएदार अश्वनी त्रिपाठी को भी अप्रैल 2025 में एग्रीमेंट के आधार पर फ्लैट दिया गया है। इससे अवैध गतिविधियों की जिम्मेदारी किरायदार की है, इसके बावजूद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि सभी 13 गिरफ्तारियां उनके फ्लैट से हुई जो पूरी तरह गलत है।










