सिलीगुड़ी के होटलों में बांग्लादेशियों के लिए ‘नो एंट्री’: होटल एसोसिएशन का बड़ा फैसला— अब मेडिकल और स्टूडेंट वीजा पर भी नहीं मिलेगा कमरा

तारिक खान

सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल): सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Chicken’s Neck) में सुरक्षा और पड़ोसी देश में जारी अस्थिरता के बीच एक बड़ा फैसला लिया गया है। ग्रेटर सिलीगुड़ी हॉटलियर वेलफ़ेयर एसोसिएशन ने घोषणा की है कि सिलीगुड़ी के किसी भी होटल में अब किसी भी बांग्लादेशी पर्यटक को जगह नहीं दी जाएगी। यह प्रतिबंध इतना सख्त है कि अब मेडिकल या स्टूडेंट वीजा पर आने वाले बांग्लादेशियों को भी कमरा नहीं मिलेगा।

9 दिसंबर से लागू था फैसला, अब हुआ और सख्त: एसोसिएशन के जाइंट सेक्रेटरी उज्ज्वल घोष ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि बांग्लादेश के ताजा हालातों को देखते हुए 9 दिसंबर से ही बांग्लादेशी पर्यटकों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, शुरुआत में मानवीय आधार पर मेडिकल और स्टूडेंट वीजा वाले लोगों को छूट दी गई थी, लेकिन अब उस छूट को भी खत्म कर दिया गया है।

होटल मालिकों की नाराजगी की क्या है वजह? उज्ज्वल घोष ने कड़े शब्दों में कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर और पूर्वोत्तर के सात राज्यों (Seven Sisters) को लेकर बांग्लादेश के कुछ छोटे नेताओं द्वारा दिए जा रहे विवादास्पद बयानों ने इस गुस्से को बढ़ाया है। उन्होंने कहा:

“सिलीगुड़ी कॉरिडोर और नॉर्थ ईस्ट को लेकर वहाँ के नेता जो कुछ कह रहे हैं, हम उसका कड़ा विरोध करते हैं। इसीलिए हमने तय किया है कि अब हम किसी भी बांग्लादेशी को रूम नहीं देंगे, चाहे वो मेडिकल वीज़ा पर हो या स्टूडेंट वीज़ा पर।”

भारत-बांग्लादेश पर्यटन पर असर: सिलीगुड़ी को पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार माना जाता है और बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक इलाज और व्यापार के सिलसिले में यहाँ रुकते हैं। होटल एसोसिएशन के इस ‘पूर्ण बहिष्कार’ के फैसले से सीमावर्ती व्यापार और पर्यटन पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। स्थानीय होटल मालिकों का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय सम्मान उनके व्यापारिक लाभ से ऊपर है।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *