बिस्किट के पैकेट ने पहुँचाया जेल! 9 साल से फरार ‘पत्नी का हत्यारा’ गिरफ्तार, मामूली आदत ने खोल दी पोल

तारिक आज़मी
PNN24 न्यूज़ डेस्क: कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सुराग छोड़ ही देता है। गुजरात की सूरत पुलिस ने एक ऐसे ही सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जहाँ अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी पैरोल मिलने के बाद 9 साल तक फरार रहा। उसने नई पहचान बनाई, दूसरी शादी की और घर भी बसा लिया, लेकिन उसकी एक ‘बिस्किट’ खाने की आदत ने उसे वापस सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।
साल 2007: दहेज के लिए पत्नी की हत्या
यह कहानी साल 2007 में सूरत के सचिन इलाके से शुरू हुई थी।
- अपराधी: सुरेंद्र वर्मा (42), जो सूरत की एक इंजीनियरिंग कंपनी में काम करता था।
- जुर्म: सुरेंद्र अपनी पत्नी से दहेज में रिक्शा खरीदने के लिए पैसों की मांग करता था। आए दिन होने वाले झगड़ों के बीच उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी।
- सजा: पुख्ता सबूतों के आधार पर सूरत की अदालत ने उसे आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई और वह लाजपुर जेल में सजा काटने लगा।
2016: पैरोल मिली और हो गया फरार
नौ साल जेल में रहने के बाद, 2016 में सुरेंद्र ने 28 दिनों की पैरोल (जमानत) ली। लेकिन जेल से बाहर आते ही वह लापता हो गया। उसने पुलिस से बचने के लिए अपने माता-पिता और भाई तक से नाता तोड़ लिया ताकि कोई उसे ट्रैक न कर सके।
पुलिस की तफ्तीश और ‘बिस्किट’ वाला सुराग
सूरत के एसीपी नीरव गोहिल के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम ने भगोड़े सुरेंद्र की तलाश शुरू की। पुलिस की जांच की कड़ियाँ कुछ इस तरह जुड़ीं:
- UP में तलाश: पुलिस उत्तर प्रदेश के बेओहरा गाँव पहुँची। वहाँ पता चला कि वह पास के करवी इलाके में ई-रिक्शा चलाता था।
- दूसरी शादी: पूछताछ में सामने आया कि सुरेंद्र ने दोबारा शादी कर ली है और उसका एक बेटा भी है।
- गुरुग्राम कनेक्शन: पुलिस को पता चला कि सुरेंद्र का साला गुरुग्राम में मजदूरी करता है। वहाँ से पुलिस को उसकी पत्नी का नंबर और पता मिला।
- वह एक ‘आदत’: निगरानी के दौरान पुलिस को पता चला कि सुरेंद्र को हर सुबह चाय के साथ बिस्किट खाने की सख्त आदत है।
गिरफ्तारी का ड्रामा
पुलिस ने सादे कपड़ों में दो दिनों तक सुरेंद्र के घर के पास जाल बिछाया। 14 नवंबर की सुबह जैसे ही सुरेंद्र अपनी आदत के मुताबिक अपने बेटे के साथ पास की दुकान पर बिस्किट का पैकेट खरीदने निकला, पुलिस ने उसे दबोच लिया।
| विवरण | जानकारी |
| अपराधी का नाम | सुरेंद्र वर्मा |
| फरारी की अवधि | 9 साल (2016 से 2025) |
| गिरफ्तारी का स्थान | गुरुग्राम (हरियाणा) |
| पकड़ने वाली टीम | सूरत पुलिस (गुजरात) |
सूरत पुलिस अब उसे वापस गुजरात ले आई है, जहाँ उसे दोबारा जेल भेज दिया गया है। 9 साल की आज़ादी और नया घर, सब एक बिस्किट के पैकेट की वजह से मिट्टी में मिल गया।












