विवाद का केंद्र बना मुर्शिदाबाद! TMC से निलंबित हुमायूं कबीर के ऐलान के बाद ‘बाबरी मस्जिद’ के शिलान्यास स्थल पर उमड़ी भीड़

तारिक खान
PNN24 न्यूज़, मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में शनिवार (6 दिसंबर) को भारी तनाव और राजनीतिक गरमाहट देखने को मिली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के उस विवादास्पद ऐलान के बाद यहाँ सैकड़ों लोग जमा हो गए हैं, जहाँ उन्होंने ‘बाबरी मस्जिद‘ की नींव रखने की तैयारी की थी।

विवादास्पद ऐलान और पार्टी का एक्शन
हुमायूं कबीर ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि वह 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद ज़िले में एक नई बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे और इसे पूरा होने में तीन साल लगेंगे। यह तारीख (6 दिसंबर) भारत के इतिहास में बाबरी मस्जिद विध्वंस के कारण अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है।
- पार्टी का सख्त कदम: कबीर के इस बयान के बाद ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की मंज़ूरी पर TMC ने उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था।
- कबीर का विद्रोही रुख: निलंबन के बाद भी हुमायूं कबीर अपने फैसले पर अड़े रहे। उन्होंने न्यूज़ एजेंसी से कहा था, “इस बाबरी मस्जिद का पार्टी के साथ कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी को मेरे ख़िलाफ़ जो कुछ करना चाहिए करने दीजिए।”
शिलान्यास स्थल पर उमड़ी भीड़
विधायक के निलंबन और उनकी घोषणा को लेकर पैदा हुए इस विवाद ने स्थानीय लोगों को उस जगह पर इकट्ठा होने के लिए प्रेरित किया है, जहाँ शिलान्यास की बात कही गई थी। सैकड़ों लोगों का जमावड़ा राजनीतिक और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकता है।
यह घटना दर्शाती है कि कैसे एक स्थानीय विधायक का बयान राष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशील भावनाओं को भड़का सकता है और एक निलंबित नेता भी अपने समर्थकों के बीच कितना प्रभाव रखता है। प्रशासन अब इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सतर्क है।










