पुतिन के भोज से विपक्ष नदारद…! RJD सांसद मनोज झा ने उठाए सवाल, बोले- ‘नेता प्रतिपक्ष का न होना दुखद संदेश’

निलोफर बानो
PNN24 न्यूज़, नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में आयोजित आधिकारिक दावत (Official Banquet) में विपक्षी नेताओं को आमंत्रित न किए जाने पर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं। आरजेडी (RJD) सांसद मनोज झा ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे ‘दुखद‘ बताया है।

‘नेता प्रतिपक्ष का न होना दुखद’
मनोज झा ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि भारत और रूस का रिश्ता किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि दशकों की मज़बूत नींव पर टिका है।
- रिश्ते की ईमानदारी: उन्होंने कहा, “भारत और रूस के रिश्ते दशकों से मज़बूत नींव पर टिके हुए हैं। उस रिश्ते के साथ भारत ने हमेशा ईमानदारी बरती है।”
- दुखद पहलू: लेकिन उन्होंने इस बात पर सबसे ज़्यादा दुःख व्यक्त किया कि, “सबसे ज़्यादा दुखद यह रहा कि उस बैंक्वेट में नेता प्रतिपक्ष मौजूद नहीं थे।”
- निष्पक्ष प्रतिक्रिया: मनोज झा ने स्पष्ट किया कि उनकी यह प्रतिक्रिया किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार में होती और बीजेपी या कोई अन्य पार्टी विपक्ष में होती और ऐसा निर्णय लिया जाता, तो भी उनकी प्रतिक्रिया बिल्कुल यही रहती।
रूस को क्या संदेश गया?
आरजेडी सांसद ने इस घटना के अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि भारत में विपक्ष के सबसे बड़े नेता की अनुपस्थिति से रूस को क्या संदेश गया होगा।
- चिंता का विषय: मनोज झा ने कहा, “ज़ाहिर है पुतिन साहब की टीम के लोगों ने यह सब देखा भी होगा। वे कौन सा मैसेज लेकर गए होंगे, यह मेरे लिए चिंता का विषय है।”
विपक्षी नेताओं को आधिकारिक राजकीय भोज से दूर रखने के इस फैसले को विपक्षी दल ‘लोकतांत्रिक मर्यादा‘ और ‘राजनीतिक सौजन्य‘ के उल्लंघन के तौर पर देख रहे हैं। उनका मानना है कि विदेश नीति के मामलों में सर्वसम्मति और एकता का प्रदर्शन ज़रूरी होता है, खासकर रूस जैसे पुराने मित्र देश के सामने।









