ट्रंप की नई पहल! ‘बेहद ख़तरनाक’ विवाद सुलझाने चले अमेरिकी राष्ट्रपति, रवांडा और कांगो के नेताओं की व्हाइट हाउस में मेजबानी

तारिक खान
PNN24 न्यूज़ डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर दुनिया के दो विवादित देशों के बीच टकराव खत्म करने की कोशिश में जुट गए हैं। ट्रंप आज व्हाइट हाउस में रवांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो (DRC) के नेताओं की मेजबानी करेंगे, जिनका आपस में लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।

क्यों बढ़ा है दोनों देशों में तनाव?
रवांडा और DRC के बीच दुश्मनी कोई नई नहीं है, लेकिन इस साल की शुरुआत में यह तनाव फिर से बढ़ गया था:
- M23 विद्रोही समूह: पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के खनिजों से भरे इलाक़े पर M23 विद्रोही समूह के कब्ज़े के बाद दोनों देशों के बीच दुश्मनी फिर बढ़ गई थी।
- रवांडा पर आरोप: संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका जैसे देश M23 विद्रोही समूह को रवांडा समर्थित बताते हैं, जिससे DRC और रवांडा के बीच अविश्वास गहरा गया है।
शांति समझौते पर संकट
जून में दोनों देशों ने वॉशिंगटन में दशकों से चले आ रहे संघर्ष को ख़त्म करने के लिए एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर भी किए थे।
- ट्रंप की उम्मीद: ट्रंप ने उस समय कहा था कि यह समझौता उनके और अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ाने में मदद करेगा।
- समझौते का उल्लंघन: हालांकि, इस समझौते के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाया। इसके अलावा, M23 विद्रोही समूह ने DRC के साथ चल रही अलग शांति वार्ता से बाहर होने की धमकी भी दी।
- मानवाधिकार उल्लंघन: ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि जुलाई में इस विद्रोही समूह ने कम से कम 140 लोगों की हत्या की थी, जिससे स्थिति की गंभीरता का पता चलता है।
ऐतिहासिक समझौते पर होंगी निगाहें
ट्रंप आज रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे और कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी से मुलाक़ात करेंगे। व्हाइट हाउस का कहना है कि दोनों नेता एक ऐतिहासिक शांति और आर्थिक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि यह समझौता मध्य अफ्रीका में स्थिरता लाएगा और अमेरिकी व्यापार हितों को भी आगे बढ़ाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप की यह पहल दोनों देशों के बीच वास्तविक और स्थायी शांति स्थापित कर पाएगी।








