संसद में सरकार का खुलासा: अडानी ग्रुप में LIC का रु0 48,284 करोड़ का निवेश, ‘कमर्शियल कारणों’ से पूरी लिस्ट बताने से इनकार

ईदुल अमीन

PNN24 न्यूज़, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद में यह पुष्टि की है कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने गौतम अडानी के समूह की कंपनियों में भारी-भरकम निवेश किया हुआ है। सरकार ने बताया है कि 30 सितंबर 2025 तक LIC ने अडानी समूह में कुल Rs. 48,284.62 करोड़ का निवेश किया है, जिसमें इक्विटी (शेयर) और ऋण (डेट) दोनों शामिल हैं।

यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब कुछ महीने पहले खबरें आई थीं कि मोदी सरकार ने अडानी समूह को बचाने के लिए LIC के पैसे का इस्तेमाल कर $3.9 अरब की योजना बनाई थी।

LIC का अडानी समूह में कितना निवेश?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में दी गई लिखित जानकारी के अनुसार, अडानी समूह में LIC का निवेश इस प्रकार है:

विवरण राशि (करोड़ में)
इक्विटी (शेयर) 38,658.85
ऋण (डेट) 9,625.77
कुल निवेश 48,284.62

इसके अतिरिक्त, LIC ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) के सुरक्षित नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) में 5,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश भी किया है।

‘व्यावसायिक हित’ का हवाला देकर पूरी लिस्ट देने से इनकार

सांसद मोहम्मद जावेद और महुआ मोइत्रा द्वारा अडानी समूह में निवेश को लेकर संदेह जताते हुए कई तीखे सवाल पूछे गए थे। लेकिन सरकार ने सभी प्राइवेट कंपनियों की पूरी सूची देने से इनकार कर दिया जिनमें LIC ने निवेश किया है।

  • सरकार का तर्क: सरकार ने कहा कि LIC ने जिन कंपनियों में निवेश किया है उनकी ‘पूरी और बारीक सूची देना व्यावसायिक रूप से ठीक नहीं होगा’ और इससे ‘LIC के परिचालन और ऋण से जुड़े हित प्रभावित हो सकते हैं।’
  • मंत्रालय का दावा: सरकार ने अपने जवाब में यह भी दावा किया कि निवेश से जुड़े मामलों में वित्त मंत्रालय LIC को कोई सलाह या निर्देश जारी नहीं करता है। निवेश का फैसला LIC खुद पूरी सावधानी, जोखिम आकलन और नियामकों (IRDAI, SEBI, RBI) के नियमों का पालन करते हुए लेता है।

क्या थी सवाल उठाने की वजह?

सांसदों ने यह सवाल इसलिए उठाया था क्योंकि द वॉशिंगटन पोस्ट की एक जाँच में खुलासा हुआ था कि वित्त मंत्रालय, DFS, LIC और नीति आयोग ने मिलकर एक ऐसी निवेश रणनीति तैयार की थी, जिसके तहत अरबों रुपये अडानी समूह के बॉन्ड और शेयरों में लगाए गए थे।

मुख्य सवाल: सांसदों ने पूछा था कि क्या जाँच चल रही होने के बावजूद LIC ने अडानी समूह में निवेश किया? और क्या निवेश से पहले ड्यू डिलिजेंस और जोखिम मूल्यांकन की उचित प्रक्रिया अपनाई गई थी?

LIC के निवेश की स्थिति

सरकार के अनुसार, LIC आमतौर पर NSE और BSE में सूचीबद्ध टॉप 500 कंपनियों में निवेश करता है।

  • बड़ा निवेश: 30 सितंबर 2025 तक निफ्टी-50 कंपनियों में LIC के निवेश का बुक वैल्यू 4,30,776.97 करोड़ है, जो उसके कुल इक्विटी निवेश का 85% है।
  • डेट इन्वेस्टमेंट: अडानी पोर्ट्स और एसईजेड लिमिटेड में LIC का 9,625.77 करोड़ का कर्ज (डेट) निवेश है, जो निजी क्षेत्र में उसकी पाँचवीं सबसे बड़ी डेट इन्वेस्टमेंट है।

सरकार ने APSEZ के 5,000 करोड़ के हालिया निवेश को पूरी जाँच-पड़ताल और बोर्ड द्वारा मंजूर प्रक्रियाओं के अनुसार बताया है, लेकिन पारदर्शिता के सवाल पर पूरी सूची जारी करने से इनकार कर दिया है।

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