वाराणसी: सिसक कर रो पड़ी इंसानियत जब एक ही घर से निकली 5 मय्यत, बाराबंकी के पास दुर्घटना में लोहता के जावेद की पत्नी और 4 बच्चो की मौत, मिटटी में आये जावेद के ‘चचिया ससुर की हार्ट अटैक से हुई मौत

मो0 सलीम

वाराणसी: कुदरत इंसान का वक्त वक्त पर इम्तेहान लेती रहती है। मगर कुछ इम्तेहान ऐसे भी होते है जिसको देख कर आम इंसानियत रो पड़ती है। ऐसा ही कुछ वाक्या लोहता के रहीमपुर निवासी जावेद के साथ हुआ है। विगत लगभग दस दिन पहले ही अपने पिता की मृत्यु से ग़मज़दा जावेद अभी सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि कल बाराबंकी जनपद में हुई एक सड़क दुर्घटना में उनकी पत्नी और तीन बेटियों और एक बेटे की मौत हो गई।

File Photo

आज एक साथ 5 मय्यत जब जावेद के घर से निकली तो आम इंसानियत कुदरत के इस इम्तेहान को देख कर रो पड़ी थी। चारो मय्यत के दाफीन के वक्त मिटटी में शरीक होने आजमगढ़ से आये जावेद के चचिया ससुर इस ग़मज़दा मंज़र को देख कर बर्दाश्त नही कर सके और कब्रिस्तान पर ही उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक आजमगढ़ के फूलपुर निवासी बताये जा रहे है।

दुर्घटना के सम्बन्ध में मिली जानकारी के अनुसार लोहता रहीमपुर निवासी जावेद की पत्नी गुलिशता (49) और तीन बेटियां समरीन (22), इलमा (12) और इश्मा खान (6) तथा पुत्र जियान के साथ जावेद के साले जीशान एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लखनऊ गए थे। विवाह संपन्न होने के बाद परिवार अपनी कार से वापस बनारस को आ रहा था। बताया जा रहा है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे 51 जो बाराबंकी जनपद में आती है पर कार गर्म हो जाने पर किनारे लगा कर गाडी ठंडी होने का इंतज़ार कर रहे था।

इसी दरमियान पीछे से एक अनियंत्रित ब्रेज़ा कार ने आकर जीशन की कार में ज़ोरदार टक्कर मार देती है। इस टक्कर में जीशन गंभीर रूप से घायल हो जाता है और जावेद की पत्नी तथा बच्चो की मौत मौके पर ही हो जाती है। वही मिल रही जानकारी के अनुसार अनियंत्रित ब्रेज़ा में बैठे कुल 4 लोग जो दिल्ली निवासी बताये जा रहे है गंभीर रूप से घायल हो गए है। जावेद के साले जीशन का इलाज लखनऊ में चल रहा है और स्थिति नियंत्रित बताया जा रहा है। वही ड्राईवर पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि अभी लगभग 10 दिन पूर्व जावेद के पिता का भी देहांत हुआ था। आज सभी मृतकों का अंतिम संस्कार स्थानीय एक कब्रस्तान पर हुआ। जब घर से एक साथ 5 मय्यत निकली तो पत्थर के भी आंसू निकल पड़े। कब्रिस्तान पर अभी मिटटी पड़ ही रही थी कि इसी दरमियान मिटटी में शिरकत करने आये जावेद के एक चचिया ससुर को इस ग़मज़दा मंज़र को देख हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौके पर कब्रस्तान में ही मौत हो गई।

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