ठंड का ‘बहाना’ या शरीर की हक़ीक़त? एक ही घर में कुछ को ज़्यादा, कुछ को कम ठंड क्यों लगती है? एक्सपर्ट्स ने बताई असली वजह

शफी उस्मानी
PNN24 न्यूज़ डेस्क: सर्दियों का मौसम आते ही सोशल मीडिया से लेकर परिवार और दोस्तों की महफ़िल में ‘नहाना या न नहाना’ एक बड़ा मुद्दा बन जाता है। जहां कुछ लोग 15 दिन से नहाने की ‘कोशिश जारी’ रहने का मीम बनाते हैं, वहीं कुछ लोग इसे पानी की बर्बादी बताकर अपनी आलस्य को जायज ठहराते हैं। लेकिन क्या यह सिर्फ़ आलस्य है, या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है कि एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग ठंड लगती है? विशेषज्ञों ने इस सवाल का जवाब दिया है।
बुनियादी कारण: शरीर की बनावट और आदत
दिल्ली के एम्स में कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफ़ेसर संजय राय के अनुसार, किसी को कम या ज़्यादा ठंड लगने के पीछे सबसे बुनियादी वजह हमारी आदतें और शरीर की बनावट होती है।
- शरीर की बनावट: प्रोफ़ेसर राय कहते हैं, “हर इंसान की बनावट अलग-अलग होती है। इसलिए किसी को ज़्यादा ठंड लग सकती है और किसी को कम।”
- शरीर का विकास: ‘आप अपने शरीर को जिस तरह से तैयार करेंगे, शरीर का व्यवहार भी वैसा ही होगा।” उन्होंने गीज़र और नॉर्मल पानी से नहाने की आदत का उदाहरण दिया, जिससे पता चलता है कि हमारा शरीर किस तरह खुद को विकसित कर लेता है।
असली खेल है ‘हीट प्रोडक्शन’ का
सर गंगाराम हॉस्पिटल के वरिष्ठ डॉक्टर मोहसिन वली के अनुसार, अगर कोई स्वस्थ इंसान यह कहता है कि उसे औरों से ज़्यादा ठंड लगती है, तो यह अक्सर आलस्य या दिमाग़ से जुड़ी हुई बात होती है।
- हीट प्रोडक्शन: डॉ. वली के मुताबिक, ठंड कम या ज़्यादा महसूस होने का कारण ‘बॉडी का हीट प्रोडक्शन’ है। इसका मतलब है कि आपका शरीर कितनी गर्मी पैदा कर रहा है।
- अगर दो स्वस्थ भाइयों में से एक को ज़्यादा ठंड लगती है, तो इसका सीधा मतलब है कि उसके शरीर का हीट प्रोडक्शन कम है, जो मूल रूप से कम शारीरिक सक्रियता (फिजिकल एक्टिविटी) की वजह से होता है।
इन लोगों को लग सकती है ज़्यादा ठंड
विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ मेडिकल कंडीशन वाले लोगों को स्वाभाविक रूप से ज़्यादा ठंड लग सकती है:
- थायरॉइड के मरीज़: जिनके शरीर में थायरॉइड हार्मोन कम होता है।
- बहुत दुबले-पतले इंसान
- शुगर के मरीज़
- बीपी की दवा लेने वाले: जैसे बीटा लॉकर लेने वाले लोग।
- बुजुर्ग: 70-80 साल के बुजुर्गों को कम फिजिकल एक्टिविटी के कारण ज़्यादा ठंड लगती है।
इसके अलावा, जिसके शरीर में ज़्यादा फैट होता है, उसे कम ठंड लग सकती है।
आदतें और सक्रियता: ठंड से बचने का उपाय
पुणे के डीवाई पाटिल मेडिकल कॉलेज के प्रोफ़ेसर अमिताव बनर्जी बताते हैं कि ठंड महसूस होना कई बातों पर निर्भर करता है:
- कपड़े: आपने कैसे कपड़े पहने हैं।
- पानी: आप कितना पानी पीते हैं, क्योंकि पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित (Regulate) करता है।
- शारीरिक सक्रियता: आप शारीरिक तौर पर कितने सक्रिय हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि ठंड से बचने का सबसे सही तरीका है कि अपनी आदतें बदलें। अगर आप स्वस्थ हैं लेकिन फिर भी आलस्य के कारण रज़ाई में रहते हैं या शारीरिक गतिविधि कम कर देते हैं, तो आपका शरीर ठंड सहने की अपनी आदत बदल देता है, जिससे आपको ज़्यादा ठंड लगने लगती है।
इसलिए, अगली बार जब आपको ज़्यादा ठंड लगे, तो शायद यह आपके शरीर के कम हीट प्रोडक्शन का संकेत हो सकता है, जिस पर काम करने की ज़रूरत है!











