वाराणसी में पीएमओ घेराव की कोशिश: युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार,SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुँचे थे, सर्किट हाउस से ही हुई कार्रवाई

सारा अंसारी
PNN24 News वाराणसी: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी आज उस वक्त राजनीति के केंद्र में आ गई, जब युवा कांग्रेस (Youth Congress) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। ये सभी कार्यकर्ता SIR (संबंधित मुद्दे को यहाँ संक्षिप्त रूप से भरें, जैसे: सरकारी नीतियों/बेरोजगारी/महंगाई) जैसे ज्वलंत मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का घेराव करने के लिए वाराणसी पहुँचे थे।

क्या है पूरा मामला?
युवा कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से SIR (संबंधित मुद्दे का नाम) को लेकर था, जिसे लेकर वे केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे थे। कार्यकर्ताओं का मानना था कि इस मुद्दे पर सरकार का रुख संतोषजनक नहीं है और वे सीधे प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आकर अपनी आवाज़ बुलंद करना चाहते थे।
बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं की योजना प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराने की थी। हालांकि, पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी।
सर्किट हाउस से ही गिरफ्तारी
जैसे ही युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करने के लिए सर्किट हाउस पर जमा हुए, पुलिस ने फौरन कार्रवाई शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुँचने का मौका ही नहीं मिला और पीएमओ घेराव करने की उनकी कोशिश नाकाम हो गई।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब जी ने इस गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र में विरोध के अधिकार का हनन है।
गिरफ्तार होने वालों में कौन-कौन शामिल?
पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब जी सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:
- उदय भानु चिब जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा कांग्रेस)
- विशाल सिंह (प्रदेश अध्यक्ष)
- सुजान ख़ान (प्रदेश सचिव)
- चंचल शर्मा (प्रदेश सचिव)
- माधव कृष्ण
- विनीत चौबे
- और इनके अलावा दर्जनों कार्यकर्ता।
गिरफ्तारी के बाद इन सभी को पुलिस लाइन भेज दिया गया।
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार
इस गिरफ्तारी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या विपक्ष को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है? युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का जोश भले ही चरम पर था, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी ने उनके विरोध को शुरू होने से पहले ही समाप्त कर दिया। अब देखना यह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद युवा कांग्रेस इस मुद्दे को आगे किस तरह उठाती है और इसका राजनीतिक असर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर क्या पड़ता है।










