अजित डोभाल का ‘इतिहास से प्रतिशोध’ वाला बयान: युवाओं को ‘आग’ बनने की सलाह, पर खुद के बेटों के विदेशी बिजनेस कनेक्शन पर उठे सवाल!

तारिक आज़मी
नई दिल्ली: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने युवा दिवस के अवसर पर एक ऐसा बयान दिया है जिसने देश की राजनीति और सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। डोभाल ने युवाओं से ‘इतिहास का प्रतिशोध’ लेने का आह्वान किया है। जहाँ एक वर्ग इसे राष्ट्रवाद के पुनरुत्थान के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरा वर्ग उनके परिवार के वैश्विक व्यापारिक हितों को लेकर सवाल उठा रहा है।

“इतिहास हमें एक चुनौती देता है। प्रतिशोध शब्द अच्छा तो नहीं है, लेकिन यह अपने आप में एक भारी शक्ति है। हमें अपने इतिहास का प्रतिशोध लेना है। हर युवक के अंदर वो आग होनी चाहिए।”
विश्लेषकों का मानना है कि डोभाल का इशारा संभवतः मुगल काल या औपनिवेशिक काल की गुलामी की ओर था। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि उनके कहने का अर्थ ‘इतिहास की गलतियों को न दोहराना’ था। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर उठते सवाल: “बेटों के लिए अलग नियम?” डोभाल के इस भाषण के बाद लोग अब उनके बेटों, शौर्य डोभाल और विवेक डोभाल के करियर और निवेशों की चर्चा कर रहे हैं। सवाल पूछा जा रहा है कि क्या ‘इतिहास का प्रतिशोध’ और ‘स्वदेशी आग’ की सीख उनके अपने परिवार पर भी लागू होती है?
1. शौर्य डोभाल (बड़ा बेटा): शौर्य डोभाल एक बड़े इन्वेस्टमेंट बैंकर हैं। वे वर्तमान में ‘Torch Investment’ नामक फर्म के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह फर्म सऊदी अरब के प्रिंस मिशाल बिन अब्दुल्लाह अल सऊद की है। लोग सवाल कर रहे हैं कि एक तरफ इतिहास के प्रतिशोध की बात और दूसरी तरफ विदेशी प्रिंस के साथ व्यापारिक साझेदारी कैसे मेल खाती है?
2. विवेक डोभाल (छोटा बेटा): अजित डोभाल के छोटे बेटे विवेक डोभाल ने तो भारतीय नागरिकता ही छोड़ दी है और अब वे ब्रिटिश नागरिक हैं।
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केमैन आइलैंड्स कनेक्शन: 2019 की ‘द कारवां’ की रिपोर्ट के अनुसार, विवेक GNY Asia Fund चलाते हैं, जो केमैन आइलैंड्स (टैक्स हैवन) में रजिस्टर्ड है।
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नोटबंदी और टाइमिंग: यह फंड भारत में 2016 की नोटबंदी के ठीक 13 दिन बाद रजिस्टर्ड हुआ था, जिसे लेकर विपक्ष पहले भी कई गंभीर आरोप लगा चुका है।
NSA डोभाल युवाओं को इतिहास बदलने और प्रतिशोध लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, लेकिन उनके अपने बेटों का विदेशी नागरिकता लेना और विदेशी राजघरानों के साथ अरबों का व्यापार करना एक विरोधाभास पैदा करता है। जनता अब पूछ रही है कि क्या ‘राष्ट्रवाद’ की आग सिर्फ आम युवाओं के लिए है?











