कफ सिरप कांड में वाराणसी पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: ₹1 करोड़ के फर्जीवाड़े में आदित्य जायसवाल गिरफ्तार; बैंक स्लिप की एक ‘गलती’ से सलाखों के पीछे पहुँचा आरोपी

शफी उस्मानी
वाराणसी: कोडीन युक्त कफ सिरप के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ वाराणसी की कोतवाली पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस घोटाले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई और सप्तसागर दवा मंडी के व्यापारी आदित्य जायसवाल (26) को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।

- आदित्य की भूमिका: आदित्य अपनी दुकान ‘स्वास्तिक फार्मा’ के जरिए फर्जी बिल बनाकर सिरप की सप्लाई ‘शिव इंटरप्राइजेज’ को दिखाता था।
- मनी ट्रेल: शुभम जायसवाल से मिलने वाली नकद राशि को आदित्य पीली कोठी स्थित इंडियन बैंक में ‘शिव इंटरप्राइजेज’ के खाते में जमा करता था। पुलिस को बैंक रिकॉर्ड से करीब एक करोड़ रुपये के नकद जमा के पुख्ता सबूत मिले हैं।
एक छोटी सी गलती और पुलिस का शिकंजा: पूछताछ में आदित्य ने बताया कि शुभम उसे यह कहकर गुमराह करता था कि सब कुछ कागजों पर सही है और टैक्स भी जमा हो रहा है। लेकिन बैंक में पैसा जमा करते समय एक स्लिप पर अपना असली नाम और मोबाइल नंबर लिखना आदित्य की सबसे बड़ी गलती साबित हुई। इसी सुराग के जरिए पुलिस की टीम उस तक पहुँचने में सफल रही।
पुलिस की टीम और कानूनी कार्रवाई: कोतवाली प्रभारी दयाशंकर सिंह, उ0नि0 अंकित सिंह और उ0नि0 मनीष सिंह (जैतपुरा) की टीम ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। आरोपी आदित्य के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 26, 8, 21, 29 और बीएनएस (BNS) की संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के फरार सरगना शुभम जायसवाल और उसके अन्य साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।











