ईरान के सर्वोच्च नेता का ट्रंप पर सीधा हमला: “तानाशाहों जैसा होगा ट्रंप का अंत”; बोले— आज का ईरान पहले से ज़्यादा सुसज्जित और घातक है
आफताब फारूकी
डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग अब बेहद तीखी हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुलना इतिहास के क्रूर तानाशाहों से की है। ख़ामेनेई ने चेतावनी दी कि जिस तरह ‘फिरौन’ और ‘निमरूद’ जैसे घमंडी शासकों का पतन हुआ, वही हश्र ट्रंप का भी होगा।

“घमंड ही बनेगा पतन का कारण” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर सिलसिलेवार पोस्ट में ख़ामेनेई ने लिखा:
“अमेरिकी राष्ट्रपति पूरी दुनिया के बारे में घमंड से फैसले करते हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि दुनिया के तानाशाहों— जैसे फिरौन, निमरूद और मोहम्मद रज़ा पहलवी का पतन तब हुआ जब उनका घमंड चरम पर था। ट्रंप का भी पतन निश्चित है।”
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन: ख़ामेनेई ने दावा किया कि आज का ईरान क्रांति (1979) से पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा ताकतवर है। उन्होंने कहा कि ईरान अब आधुनिक हथियारों और आध्यात्मिक शक्ति से पूरी तरह सुसज्जित है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह पहले की तरह आज भी ईरान की ताकत को समझने में गलती कर रहा है।
12-दिवसीय युद्ध और तेल की राजनीति: अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरानियों के साथ खड़े होने के दावे पर पलटवार करते हुए ख़ामेनेई ने कहा:
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“12 दिन चले युद्ध में हमारे 1,000 से ज़्यादा नागरिक शहीद हुए और ट्रंप ने खुद माना कि आदेश उन्होंने दिया था। अब वह कहते हैं कि वह ईरानी राष्ट्र के साथ हैं?”
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उन्होंने वेनेज़ुएला का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका को वहां के लोकतंत्र से कोई लेना-देना नहीं है, उसे सिर्फ वहां के तेल (Oil) से मतलब है। ट्रंप प्रशासन अब इसे छिपाता भी नहीं है।
“पीछे नहीं हटेगा ईरान” ख़ामेनेई ने स्पष्ट कर दिया कि लाखों लोगों के बलिदान से बने इस देश को किसी भी बाहरी ताकत के सामने झुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तबाही मचाने वालों के सामने ईरान एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा।








