मुस्तफ़िज़ुर रहमान को KKR से बाहर करने का BCCI का आदेश; संगीत सोम बोले- ‘यह सनातनियों की जीत’, कांग्रेस ने जय शाह को घेरा

शफी उस्मानी
नई दिल्ली/कोलकाता: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के शुरू होने से पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को अपनी टीम से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफ़िज़ुर रहमान को बाहर करने का निर्देश दिया है। इस फैसले ने देश में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जिसमें ‘राष्ट्रवाद’ और ‘सनातन’ जैसे शब्दों की गूँज सुनाई दे रही है।

“बीसीसीआई के इस निर्णय के लिए उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद। यह पूरे भारत के हिन्दुओं और सनातनियों की जीत है। शाहरुख खान को अब समझ में आ गया होगा कि भारत में रहकर सनातनियों के विरुद्ध चलना अच्छा नहीं रहेगा।”
प्रियांक खड़गे का पलटवार: “बीजेपी सबसे बड़ी देशद्रोही” वहीं, कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह और बीसीसीआई सचिव जय शाह को निशाने पर लिया। खड़गे ने कहा:
“अगर शाहरुख खान देशद्रोही हैं, तो फिर नियम बनाने वाली बीसीसीआई और आईसीसी भी हैं। बीजेपी राष्ट्रवाद का इस्तेमाल सिर्फ अपने फायदे के लिए करती है। असल में वे भारत के इतिहास में सबसे बड़े देशद्रोही हैं।”
क्या है विवाद की जड़? केकेआर ने मुस्तफ़िज़ुर रहमान को आईपीएल 2026 की नीलामी में 9 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम कीमत पर खरीदा था। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर दक्षिणपंथी संगठनों और कुछ बीजेपी नेताओं ने शाहरुख खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्हें ‘देशद्रोही’ तक कहा गया और बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने का कड़ा विरोध किया गया।
कांग्रेस का स्टैंड: कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि खिलाड़ी का चयन बीसीसीआई और आईसीसी के नियमों के तहत फ्रेंचाइजी द्वारा किया गया था। ऐसे में किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना भारत के बहुलतावादी समाज पर हमला है।











