दिल्ली दंगा केस: उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज; मनोज झा बोले— “उम्मीद है अब ट्रायल में आएगी तेजी”

तारिक खान

नई दिल्ली: दिल्ली दंगों की कथित साजिश (UAPA मामला) से जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। हालांकि, इसी मामले में जेल में बंद पांच अन्य अभियुक्तों को शीर्ष अदालत ने जमानत दे दी है।

अदालत का फैसला: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए खालिद और इमाम को राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने निचली अदालत (Trial Court) को इस मामले की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि लंबे समय से पेंडिंग पड़े इस केस का फैसला जल्द हो सके।

आरजेडी सांसद मनोज झा की प्रतिक्रिया: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में उन्होंने कहा:

“एक बात तो स्पष्ट है कि जिन लोगों को आज जमानत मिली है, उनके लिए यह लंबे समय से लंबित मामला था और ट्रायल तो लगभग था ही नहीं। यह एक ऐसा क्षण है कि हमें न्यायपालिका को धन्यवाद भी करना चाहिए क्योंकि यह फैसला देश की सबसे बड़ी अदालत से आया है।”

उमर खालिद और शरजील इमाम के भविष्य पर उम्मीद जताते हुए झा ने आगे कहा:

“मेरा मानना है कि उमर खालिद और शरजील के मामले में भी जो ट्रायल कोर्ट को मामले में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है, उस दृष्टिकोण से शायद उन्हें भी न्याय बहुत जल्द मिलेगा।”

क्या है मामला? उमर खालिद और शरजील इमाम पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की ‘बड़ी साजिश’ रचने का आरोप है। पुलिस ने उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत मामला दर्ज किया है। उमर खालिद सितंबर 2020 से और शरजील इमाम जनवरी 2020 से सलाखों के पीछे हैं।

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