रायपुर: मॉल में तोड़फोड़ के आरोपियों का जेल से बाहर आने पर ‘हीरो’ जैसा स्वागत; कंधों पर बिठाकर निकाला जुलूस, लगे रघुपति राघव के नारे
मो0 सलीम
रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस की सजावट तोड़ने के आरोप में जेल गए बजरंग दल के छह कार्यकर्ताओं को जमानत मिल गई है। गुरुवार (1 जनवरी) को जेल से बाहर आते ही बजरंग दल के सदस्यों ने उनका किसी ‘हीरो’ की तरह स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए, मालाएं पहनाईं और ‘रघुपति राघव राजा राम’ के भजनों के बीच जुलूस निकालकर आरोपियों को कंधों पर घुमाया।

धर्मांतरण के मुद्दे से जोड़ा मामला: बजरंग दल के राज्य संयोजक ऋषि मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम और स्वागत को सही ठहराते हुए कहा:
“नारे लगाने में क्या गलत है? पूरा मामला छत्तीसगढ़ में किए जा रहे धर्मांतरण से जुड़ा है। एक साजिश के तहत हमारे कार्यकर्ताओं को जेल भेजा गया था। इसलिए इस मुद्दे पर नारे लगाए जाएंगे और विरोध जारी रहेगा।”
कानूनी प्रक्रिया:
- एफआईआर: तेलीबांधा पुलिस ने 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 331(3), 324(2), 115(2), 191(2) और 190 के तहत मामला दर्ज किया था। ये धाराएं दंगा, अतिक्रमण और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित हैं।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने 27 दिसंबर को छह लोगों को गिरफ्तार किया था और एक नाबालिग को हिरासत में लिया था।
- जमानत: 29 दिसंबर को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन बाद में सत्र न्यायालय (Sessions Court) ने उन्हें जमानत दे दी। पांच दिन जेल में बिताने के बाद वे बाहर आए हैं।
विरोध प्रदर्शन: इन गिरफ्तारियों के विरोध में करीब 300 बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने तेलीबांधा थाने के बाहर मुख्य सड़क पर नौ घंटे तक धरना दिया था, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था। हालांकि, सड़क जाम करने की इस घटना पर फिलहाल कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।











