‘सच्चाई’ पर गिलेन मैक्सवेल का पहरा; अमेरिकी संसद की कमेटी के सामने सवालों का जवाब देने से किया इनकार, चुप रहने के अधिकार का लिया सहारा

अमेरिका: जेफरी एपस्टीन की सहयोगी गिलेन मैक्सवेल ने अमेरिकी संसद की ओवरसाइट कमेटी के सवालों पर साधी चुप्पी। सेक्स ट्रैफिकिंग मामले में 20 साल की सजा काट रही मैक्सवेल ने जेल से दिया वर्चुअल बयान। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आदिल अहमद

टेक्सास/वॉशिंगटन: दुनिया के सबसे चर्चित यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की दोषी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल ने एक बार फिर अमेरिकी न्याय व्यवस्था और जांचकर्ताओं को निराश किया है। सोमवार को अमेरिकी संसद की ओवरसाइट कमेटी (Oversight Committee) के सामने बंद कमरे में हुए वर्चुअल बयान के दौरान मैक्सवेल ने किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया।

चुप रहने के अधिकार ‘फिफ्थ अमेंडमेंट’ का इस्तेमाल रिपब्लिकन हाउस ओवरसाइट कमेटी के अध्यक्ष जेम्स कोमर ने बताया कि टेक्सास की जेल से वीडियो लिंक के जरिए जुड़ी मैक्सवेल ने अमेरिकी संविधान के पांचवें संशोधन (Fifth Amendment) का सहारा लिया। यह नियम किसी भी व्यक्ति को अपने खिलाफ गवाही न देने या चुप रहने का कानूनी अधिकार देता है। जेम्स कोमर ने कहा:

“यह बेहद निराशाजनक है। हम उन अपराधों और संभावित सह-साजिशकर्ताओं के बारे में सच्चाई जानना चाहते थे ताकि सर्वाइवर्स को न्याय मिल सके, लेकिन मैक्सवेल ने चुप्पी साधे रखी।”

कौन हैं गिलेन मैक्सवेल और क्या हैं आरोप? 62 वर्षीय गिलेन मैक्सवेल वर्तमान में फ्लोरिडा के बजाय टेक्सास की जेल में 20 साल की सजा काट रही हैं। उन्हें 2021 में नाबालिग लड़कियों को फुसलाने और उन्हें जेफरी एपस्टीन तक यौन शोषण के लिए पहुंचाने (सेक्स ट्रैफिकिंग) का दोषी पाया गया था।

  • अमीर पृष्ठभूमि: मैक्सवेल का जन्म ब्रिटेन के एक बेहद रसूखदार परिवार में हुआ था। उनके पिता रॉबर्ट मैक्सवेल पब्लिशिंग टायकून और ‘डेली मिरर’ के मालिक थे।
  • एपस्टीन के साथ रिश्ता: पिता की मौत के बाद मैक्सवेल की मुलाकात फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से हुई। आरोप है कि मैक्सवेल ने एपस्टीन को अपने हाई-प्रोफाइल सामाजिक दायरे (राजनेता और मशहूर हस्तियां) तक पहुंच दी, जबकि एपस्टीन ने उन्हें वह लग्जरी लाइफस्टाइल दी जिसकी वह आदी थीं।
  • नेटवर्क की मास्टरमाइंड: कोर्ट में यह साबित हुआ कि मैक्सवेल न केवल एपस्टीन की दोस्त थीं, बल्कि उनकी हवेली की मैनेजर और सोशल कोऑर्डिनेटर भी थीं, जो स्टाफ से लेकर नाबालिग लड़कियों के ‘ट्रैफिकिंग नेटवर्क’ तक की निगरानी करती थीं।

सच्चाई तक पहुंचने की जंग जारी जेफरी एपस्टीन की 2019 में जेल में हुई संदिग्ध मौत के बाद मैक्सवेल ही वह कड़ी बची हैं, जो उन “बड़े नामों” का खुलासा कर सकती हैं जो इस सेक्स स्कैंडल में शामिल थे। हालांकि, सोमवार की उनकी चुप्पी ने साफ कर दिया है कि वह अभी भी रहस्यों को दफन रखना चाहती हैं। ओवरसाइट कमेटी का कहना है कि वे सच्चाई तक पहुंचने के लिए अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

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