‘अमेरिकी सैनिक हमारी कैद में, व्हाइट हाउस बोल रहा झूठ’: ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी का सनसनीखेज दावा; डोवर बेस पर भावुक हुए ट्रंप
जंग के बीच ईरान का बड़ा दावा: अली लारीजानी बोले— "अमेरिकी सैनिक हमारी कैद में हैं, वॉशिंगटन छिपा रहा सच।" दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने डोवर एयरफोर्स बेस पर शहीद सैनिकों के परिवारों से की मुलाकात। क्या अमेरिका छिपा रहा है बंदी सैनिकों का आंकड़ा?

आदिल अहमद
PNN24 News: मध्य-पूर्व में जारी महायुद्ध अब ‘साइकोलॉजिकल वॉर’ (मनोवैज्ञानिक युद्ध) के चरण में प्रवेश कर गया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के प्रमुख अली लारीजानी ने एक ऐसा दावा किया है जिसने पेंटागन की नींद उड़ा दी है। लारीजानी के मुताबिक, कई अमेरिकी सैनिक इस वक्त ईरान की कैद में हैं, जबकि अमेरिका उन्हें युद्ध में ‘मृत’ घोषित कर सच्चाई छिपा रहा है।
1. अली लारीजानी का विस्फोटक ‘X’ पोस्ट
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीधे अमेरिका को चुनौती देते हुए लिखा:
“मेरे पास पुख्ता जानकारी है कि कई अमेरिकी सैनिकों को बंदी बना लिया गया है। अमेरिका का दावा है कि वे युद्ध में मारे गए हैं, लेकिन यह सच नहीं है। अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद वे इस सच्चाई को बहुत लंबे समय तक दुनिया से छिपा नहीं पाएंगे।”
2. अमेरिका की चुप्पी और ‘मृत’ सैनिकों की मिस्ट्री
लारीजानी के इस दावे पर अभी तक पेंटागन (Pentagon) या व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह दावा सच है, तो यह राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ी राजनीतिक मुसीबत बन सकता है।
3. डोवर बेस पर नम आँखों से मिले राष्ट्रपति ट्रंप
एक तरफ जहाँ ईरान ‘बंदियों’ की बात कर रहा है, वहीं शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेलावेयर स्थित डोवर एयरफोर्स बेस पहुँचे। यहाँ उन्होंने उन छह अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीरों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मुलाकात की, जो पिछले शनिवार को ईरान पर हुए हमले के दौरान मारे गए थे।
- सम्मान: ट्रंप ने शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी और संकल्प दोहराया कि “इन वीरों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”
- तनाव: डोवर बेस पर माहौल बेहद गमगीन था, जहाँ अधिकारियों ने ‘डिग्निफाइड ट्रांसफर’ (सम्मानजनक हस्तांतरण) की प्रक्रिया पूरी की।
4. क्या अमेरिका ‘POW’ की जानकारी छिपा रहा है?
सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध के दौरान कई बार ‘Prisoners of War’ (POW) यानी युद्धबंदियों की जानकारी रणनीतिक कारणों से तुरंत साझा नहीं की जाती। ईरान का यह दावा अमेरिका के भीतर घरेलू दबाव बढ़ाने की एक सोची-समझी चाल भी हो सकती है, ताकि अमेरिकी जनता इस युद्ध का विरोध शुरू कर दे।










