‘बलिया में विकास की वेदी पर चढ़ी दो मजदूरों की बलि: बेल्थरा रोड में निर्माणाधीन पुल का लोहे का ढांचा गिरा’; लखीमपुर के अमित और पप्पू की मौत, पीलीभीत का जुगल गंभीर, जांच के घेरे में ठेकेदार!, कार्यदाई संस्था के जीएम का फोन न उठाना क्या जवाबदेही से बचने का तरीका है..?
बलिया: बेल्थरा रोड के मधुबनी गांव में निर्माणाधीन पुल का लोहे का ढांचा गिरने से बड़ा हादसा। लखीमपुर के दो मजदूरों की मौत, दो घायल। लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी बनी काल। पुलिस ने शुरू की जांच। इस सम्बन्ध में हम हमने कर्यदाई संस्था के जीएम कुमार गौतम से बात करने की कोशिश किया तो उनका मोबाइल मनाही उठा, उनकी प्रतिक्रिया हेतु हमने कई बार उनके दूरभाष नंबर पर फोन किया मगर याद वह इस दुखद घटना पर अपना वक्तव्य नही देबना चाहते थे और इस घटना के लिए ज़िम्मेदारी तय करने से परहेज़ कर रहे हो. उनका वक्तव्य आने पर खबर को अपडेट किया जायेगा PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

संजय ठाकुर
बेल्थरा रोड/बलिया (PNN24 News): बलिया जिले के बेल्थरा रोड इलाके के मधुबनी गांव में आज एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लोहे का ढांचा अचानक असंतुलित होकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात सामने आ रही है।
1. सरिया बांधते वक्त हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और घायल मजदूर के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब मजदूर पुल के पिलर पर लोहे की सरिया बांधने का काम कर रहे थे। इसी दौरान लोहे का भारी ढांचा (Centering/Structure) अचानक अपना संतुलन खो बैठा और नीचे काम कर रहे मजदूरों पर भरभराकर गिर पड़ा। लोहे के मलबे में चारों मजदूर दब गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।
2. रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहतों का विवरण
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और ठेकेदार ने जेसीबी की मदद से मलबे को हटाया। पुलिस की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया।
- मृतक: पप्पू और अमित (दोनों निवासी जिला लखीमपुर)।
- गंभीर घायल: जुगल (निवासी जिला पीलीभीत), जिसका इलाज जारी है।
- सामान्य घायल: एक अन्य मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
3. लापरवाही की इंतहा: सुरक्षा नियम ताक पर?
सूत्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। न तो हेलमेट और न ही सुरक्षा बेल्ट का उचित इस्तेमाल किया जा रहा था। भारी ढांचे को सहारा देने वाली मशीनरी में तकनीकी खराबी या असंतुलन को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
4. पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया।
- पुलिस का बयान: पुलिस ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही स्पष्ट दिख रही है।
- विधिक कार्रवाई: तहरीर मिलने के बाद ठेकेदार और संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
📊 हादसे का विवरण: एक नज़र में (Incident Summary)
| विवरण | जानकारी |
| घटनास्थल | मधुबनी गांव, बेल्थरा रोड (बलिया) |
| हादसे का कारण | लोहे के ढांचे का असंतुलित होकर गिरना |
| मृतकों की संख्या | 02 (अमित और पप्पू, लखीमपुर निवासी) |
| घायलों की संख्या | 02 (जुगल, पीलीभीत निवासी एवं एक अन्य) |
| मुख्य आरोप | निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी |
| प्रशासनिक रुख | जांच जारी, दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन |
📌 PNN24 का तीखा सवाल:
क्या विकास की रफ्तार इतनी तेज होनी चाहिए कि गरीब मजदूरों की जान की कोई कीमत ही न रहे? बेल्थरा रोड का यह हादसा उन सभी ठेकेदारों और अधिकारियों के लिए एक सबक है जो चंद पैसों की बचत के लिए सुरक्षा नियमों को ताक पर रख देते हैं। क्या लखीमपुर के उन परिवारों को कभी न्याय मिलेगा जिन्होंने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया है? क्या कार्यदाई संस्था के जीएम इस पुरे मामले में कोई अपनी जवाबदेही तय करेगे या फिर हमारा फोन नही उठा कर जवाबदेही से बचेगे, क्या उनकी नज़र में किसी गरीब की मौत कोई मायने नहीं रखती है, जीएम कुमार गौतम द्वारा हमारा फोन नहीं उठाना इस बात को साबित करता है कि उनकी नज़र में शायद किसी गरीब की मौत कोई मायने नहीं रखती है













