अमेरिका में ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट: क्या ईरान युद्ध बनेगा सत्ता परिवर्तन का कारण?
मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति ट्रंप के लिए खतरे की घंटी; महंगाई और पेट्रोल की कीमतों ने छीना 'पॉलिटिकल हनीमून'

आदिल अहमद
व्हाइट हाउस में दोबारा वापसी के एक साल के भीतर ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। राजनीतिक विश्लेषक नेट सिल्वर के आंकड़ों के अनुसार, कार्यकाल की शुरुआत में उन्हें 52% जनता का समर्थन हासिल था, जो अब घटकर मात्र 40% रह गया है।

आर्थिक मोर्चे पर विफलता और पेट्रोल का प्रहार
- महंगाई की मार: 2024 के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को हराने वाले मुख्य मुद्दे (महंगाई और बुनियादी खर्च) अब ट्रंप सरकार के लिए गले की हड्डी बन गए हैं।
- पेट्रोल की कीमतें: ईरान युद्ध शुरू होने के मात्र तीन सप्ताह के भीतर अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत $4 प्रति गैलन के पार पहुँच गई है। यह आंकड़ा जो बाइडन के कार्यकाल के सबसे खराब समय से भी अधिक है।
- इप्सोस सर्वे: अर्थव्यवस्था को संभालने के मामले में ट्रंप पर जनता का भरोसा 43% से गिरकर 35% पर आ गया है।
ईरान युद्ध: बंटी हुई अमेरिकी जनता
ईरान में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर अमेरिका दो गुटों में बँटा नज़र आ रहा है:
- रिपब्लिकन समर्थक: 86% रिपब्लिकन अभी भी ईरान में सैन्य कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं। डलास में आयोजित सीपीएसी (CPAC) सम्मेलन में समर्थकों का कहना है कि “परमाणु हथियार संपन्न ईरान से बेहतर है कि अभी थोड़ी महंगाई झेल ली जाए।”
- निष्पक्ष और डेमोक्रेटिक वोटर: मात्र 34% आम मतदाता ही ट्रंप के युद्ध संभालने के तरीके से सहमत हैं। निष्पक्ष मतदाताओं का ट्रंप से मोहभंग होना नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के लिए भारी पड़ सकता है।
मध्यावधि चुनाव: डेमोक्रेट्स की वापसी के संकेत?
वेबसाइट ‘द डाउनबैलॉट’ के अनुसार, 2025 के विशेष चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने पिछले राष्ट्रपति चुनाव के मुकाबले 13% बेहतर प्रदर्शन किया है। उत्तरी कैरोलिना से सीनेट उम्मीदवार माइकल व्हाटली ने चेतावनी दी है कि यदि डेमोक्रेट्स वापस आते हैं, तो ट्रंप के एजेंडे को रोक दिया जाएगा और जाँच व महाभियोग का दौर फिर शुरू हो सकता है।
विश्लेषण: महंगाई बनाम लोकप्रियता — क्या $4 का पेट्रोल ट्रंप को ले डूबेगा?
अमेरिकी राजनीति में एक पुरानी कहावत है, “जनता अपनी जेब देखकर वोट करती है।” वर्तमान आंकड़े बताते हैं कि ईरान युद्ध के कारण बढ़ती ईंधन की कीमतें सीधे तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप की रेटिंग को नीचे खींच रही हैं।
तुलनात्मक चार्ट: ट्रंप की रेटिंग और पेट्रोल की कीमतें (2025-2026)
| समय सीमा | घटनाक्रम | ट्रंप की लोकप्रियता (Approval %) | पेट्रोल की औसत कीमत (US $/Gallon) |
| जनवरी 2025 | शपथ ग्रहण (कार्यकाल की शुरुआत) | 52% | ~$3.01 |
| जून 2025 | सामान्य कामकाज (हनीमून पीरियड) | 47% | ~$3.15 |
| जनवरी 2026 | युद्ध से पहले की स्थिति | 42% | $2.81 (सबसे कम) |
| 28 फरवरी 2026 | ईरान युद्ध की शुरुआत | 40% | ~$2.88 |
| मार्च 2026 (मध्य) | युद्ध का विस्तार / ड्रोन हमले | 38% | ~$3.57 |
| 29 मार्च 2026 | वर्तमान स्थिति | 36% (रिकॉर्ड गिरावट) | $3.95 (लगभग $4) |
मुख्य निष्कर्ष (Key Insights):
- उल्टा संबंध (Inverse Correlation): जैसे-जैसे पेट्रोल की कीमतें $2.81 से बढ़कर $3.95 (लगभग 40% की वृद्धि) पर पहुँची हैं, ट्रंप की लोकप्रियता में 16% की सीधी गिरावट आई है।
- आर्थिक साख पर संकट: 2024 के चुनाव में ट्रंप की जीत का मुख्य आधार “कम लागत में जीवन” (Cost of Living) था। लेकिन वर्तमान में केवल 25% अमेरिकी ही उनके आर्थिक फैसलों का समर्थन कर रहे हैं।
- युद्ध का बोझ: सर्वे बताते हैं कि 86% रिपब्लिकन अभी भी साथ हैं, लेकिन स्वतंत्र (Independent) और निष्पक्ष मतदाता (जो जीत के लिए निर्णायक होते हैं) तेज़ी से उनके खिलाफ जा रहे हैं।
- ऐतिहासिक तुलना: $4 प्रति गैलन का स्तर अमेरिका में राजनीतिक रूप से “खतरे का निशान” माना जाता है। इससे पहले जो बाइडन के समय भी इसी स्तर पर जनता का भारी आक्रोश देखा गया था।
यदि नवंबर के मध्यावधि चुनावों तक पेट्रोल की कीमतें $4 के ऊपर बनी रहती हैं और ईरान युद्ध लंबा खिंचता है, तो रिपब्लिकन पार्टी के लिए कांग्रेस और सीनेट पर अपना कब्जा बरकरार रखना लगभग असंभव हो जाएगा।









