‘हरियाणा राज्यसभा चुनाव में मची रार; खड़गे ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र’; वोटों की गिनती रुकी, भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे के वोट अयोग्य ठहराने की मांग की
हरियाणा राज्यसभा चुनाव: मतगणना रोकी गई! मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की। भाजपा ने कांग्रेस के दो वोटों पर जताई आपत्ति, कांग्रेस ने अनिल विज के वोट को घेरा। क्या होगा दो सीटों का नतीजा? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आदिल अहमद
नई दिल्ली (PNN24 News): हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को हुआ मतदान विवादों के घेरे में आ गया है। शाम 5 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद जब मतगणना (Counting) शुरू होने वाली थी, तभी भाजपा और कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे के विधायकों के वोटों पर आपत्तियां दर्ज करा दीं, जिसके बाद गिनती को बीच में ही रोक दिया गया।
1. मल्लिकार्जुन खड़गे का चुनाव आयोग को कड़ा पत्र
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है।
- साजिश का आरोप: खड़गे ने लिखा कि चुनाव की ईमानदारी और निष्पक्षता में दखल देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमारे सही मतदाताओं या डाले गए वोटों को अयोग्य ठहराना किसी भी हाल में मंज़ूर नहीं किया जा सकता।”
- दबाव की राजनीति: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश है और आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का समय भी मांगा है।
2. क्यों रुकी वोटों की गिनती?
सूत्रों के अनुसार, विवाद की जड़ वोटों की गोपनीयता (Secrecy of Vote) का उल्लंघन है:
- भाजपा की आपत्ति: भाजपा ने कांग्रेस के दो विधायकों के वोटों पर आपत्ति जताई है, दावा है कि उन्होंने अपना बैलेट पेपर अनधिकृत व्यक्ति को दिखाया।
- कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज द्वारा डाले गए वोट पर आपत्ति जताई है।
- रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला: दोनों पक्षों की शिकायतों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मामले को केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भेज दिया है। आयोग की अनुमति के बिना गिनती शुरू नहीं की जा सकती।
3. मैदान में कौन-कौन?
हरियाणा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है:
- संजय भाटिया (भाजपा): पूर्व सांसद और पार्टी के मजबूत उम्मीदवार।
- करमवीर सिंह बौद्ध (कांग्रेस): कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी।
- सतीश नांदल (निर्दलीय): भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार, जिन्होंने मुकाबले को रोचक बना दिया है।
4. क्रॉस वोटिंग का डर
मतदान से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश के रिसॉर्ट्स (कुफरी और कसौली) में शिफ्ट किया था। सोमवार सुबह ही सभी विधायक चंडीगढ़ लौटे और वोट डाला। भाजपा नेता अनिल विज ने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग हुई है, जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर हॉर्स-ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) का आरोप लगाया है।
📊 हरियाणा विधानसभा का समीकरण (Current Strength)
| पार्टी | विधायक संख्या | जीतने के लिए जरूरी वोट |
| भाजपा (BJP) | 48 | 31 (प्रथम वरीयता) |
| कांग्रेस (INC) | 37 | 31 (प्रथम वरीयता) |
| INLD / अन्य | 05 | – |
| कुल सीटें | 90 | – |
📌 PNN24 विश्लेषण:
अगर चुनाव आयोग कांग्रेस के दो वोटों को अयोग्य घोषित कर देता है, तो निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की जीत की राह आसान हो सकती है। वहीं, अगर सभी वोट वैध माने जाते हैं, तो कांग्रेस को अपनी सीट बचाने के लिए अपने सभी 37 विधायकों के एकजुट होने की जरूरत होगी। फिलहाल, दिल्ली में चुनाव आयोग की बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं।











