‘ट्रंप से रिश्ते अच्छे, पर युद्ध पर फैसला सोच-समझकर’; होर्मुज़ संकट पर बोले ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर— “प्रधानमंत्री बनने के बाद आप पीछे नहीं हट सकते”
"रिश्ता अच्छा है, पर देश का हित पहले": स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर डोनाल्ड ट्रंप की मांग और किएर स्टार्मर का जवाब। ब्रिटेन के पीएम ने कहा- जंग पर फैसला बदलना आसान नहीं होता। क्या ब्रिटेन भेजेगा अपने युद्धपोत? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आफ़ताब फारुकी
PNN24 News: मध्य-पूर्व में जारी महायुद्ध और ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी को लेकर वैश्विक दबाव बढ़ रहा है। इसी बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों और होर्मुज़ संकट पर ब्रिटेन के रुख को लेकर अहम बयान दिया है।
1. ट्रंप के साथ “मजबूत और दशकों पुराना” रिश्ता
डाउनिंग स्ट्रीट पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब स्टार्मर से ट्रंप के साथ उनके रिश्तों को 0 से 10 के बीच नंबर देने को कहा गया, तो उन्होंने सीधा अंक देने के बजाय कूटनीतिक जवाब दिया।
- फोन पर बातचीत: स्टार्मर ने खुलासा किया कि कल ही उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर लंबी बात हुई है।
- साझेदारी: उन्होंने कहा, “हमारा रिश्ता अच्छा है। हम दशकों से एक-दूसरे के मजबूत साथी रहे हैं और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को लेकर हमारी चर्चा काफी सकारात्मक रही है।”
2. युद्धपोत भेजने की मांग पर फंसा पेंच
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूरोपीय देशों से अपील की थी कि वे होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अपने युद्धपोत (Warships) भेजें। इस पर स्टार्मर ने सावधानी बरतते हुए कहा:
- जटिल मामला: “एक सही योजना को लेकर चर्चा तो हुई है, लेकिन यह मामला उतना आसान या सीधा नहीं है जितना दिखता है।”
- ब्रिटेन का हित: स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक काम ब्रिटेन के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है।
3. “युद्ध पर गलती की गुंजाइश नहीं”
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने युद्ध जैसे गंभीर फैसलों पर अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा, “अगर आप देश के प्रधानमंत्री हैं, तो आप यह नहीं कह सकते कि— ओह, मैंने उस युद्ध पर फैसला लेने में गलती कर दी, क्या अब मैं पीछे हट सकता हूं? ऐसे फैसले एक हफ्ते बाद बदले नहीं जा सकते।” उनके इस बयान को ट्रंप की मांग पर संभलकर कदम बढ़ाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
📊 विश्लेषण: ब्रिटेन के सामने चुनौतियां (The UK Dilemma)
| पक्ष | तर्क / स्थिति |
| अमेरिका (ट्रंप) की मांग | यूरोपीय देश अपने युद्धपोत भेजें और होर्मुज़ का रास्ता साफ करें। |
| ब्रिटेन का रुख | गठबंधन का समर्थन, लेकिन सीधे युद्ध में कूदने से पहले ‘ब्रिटिश हितों’ की समीक्षा। |
| रणनीतिक जोखिम | ईरान के साथ सीधा टकराव और तेल की कीमतों में उछाल का घरेलू डर। |
📌 PNN24 टेक-अवे:
किएर स्टार्मर का बयान यह दर्शाता है कि ब्रिटेन अमेरिका का साथ तो चाहता है, लेकिन वह ट्रंप के “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” में आंख मूंदकर शामिल होने के बजाय अपनी सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को प्राथमिकता दे रहा है।










