महायुद्ध का ‘ड्रोन प्रलय’: ईरान ने 6 दिनों में दागे 2,000 ड्रोन; यरुशलम में अल-अक्सा बंद, नेतन्याहू और ट्रंप के बीच ‘ऐतिहासिक’ तालमेल से दहला मिडिल ईस्ट
जंग का खौफनाक चेहरा: ईरान ने दागे 2,000 से ज्यादा ड्रोन, हर 4 मिनट में एक हमला। यरुशलम के अल-अक्सा परिसर में शुक्रवार की नमाज रद्द। ईरान का ट्रंप को सीधा संदेश— "इजराइल फर्स्ट का मतलब अमेरिका लास्ट।"

तारिक आज़मी
PNN24 News: ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच जारी संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ कूटनीति के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं। ईरान ने जहाँ अपने ड्रोन हमलों से आसमान पाट दिया है, वहीं इज़राइल ने सुरक्षा चिंताओं के चलते दशकों बाद यरुशलम के सबसे पवित्र स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया है।
1. ड्रोन की बारिश: हर 4 मिनट में एक प्रहार
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़ी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
- आंकड़े: युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ईरान 2,000 से अधिक ड्रोन लॉन्च कर चुका है।
- विश्लेषण: इसका मतलब है कि औसतन 330 ड्रोन प्रतिदिन या हर 4 मिनट में एक ड्रोन इज़राइली और अमेरिकी ठिकानों की ओर बढ़ रहा है।
2. यरुशलम में सन्नाटा: अल-अक्सा में नमाज़ रद्द
इज़राइल के नागरिक प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार को अल-अक्सा परिसर, वेस्टर्न वॉल और चर्च ऑफ द होली सेपल्चर सहित सभी पवित्र स्थलों को बंद रखने का आदेश दिया है। ब्रिगेडियर जनरल हिशाम इब्राहिम ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म के श्रद्धालु को कल पुराने शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
3. अराघची का ट्रंप को कड़ा संदेश: “आप विफल हो चुके हैं”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सीधे राष्ट्रपति ट्रंप को संबोधित करते हुए ‘X’ पर लिखा:
“राष्ट्रपति महोदय, आपकी त्वरित सैन्य जीत की पहली योजना विफल रही। वार्ता के माध्यम से किसी ‘अद्वितीय समझौते’ की संभावना अब खत्म हो चुकी है। याद रखें, ‘इज़राइल फर्स्ट’ का मतलब हमेशा ‘अमेरिका लास्ट’ होता है।”
अराघची ने यह भी साफ किया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को आधिकारिक रूप से बंद नहीं किया है, लेकिन युद्ध के डर से जहाजों ने वहां से गुजरना खुद ही बंद कर दिया है।
4. जमीनी जंग की आहट और ‘नरक’ की चेतावनी
अमेरिका द्वारा ‘सीमित जमीनी आक्रमण’ की खबरों पर ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “इमाम खामेनेई के वीर पुत्र” अमेरिकी सैनिकों का इंतज़ार कर रहे हैं और ईरानी धरती “नरक के सेवकों” के लिए कब्रिस्तान साबित होगी।
5. क्षेत्रीय समीकरण और बहरीन पर हमला
- बहरीन: बहरीन की ‘बापको’ रिफाइनरी पर ईरानी मिसाइल हमले से लगी आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि रिफाइनरी का कामकाज जारी है, लेकिन यह खाड़ी देशों के लिए बड़ी चेतावनी है।
- सऊदी अरब का रुख: ईरान ने सऊदी अरब के उस फैसले की सराहना की है जिसमें उसने अपने हवाई क्षेत्र और भूभाग का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने देने का संकल्प दोहराया है।
- हिज़्बुल्लाह के प्रहार: हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल के यारा बैरक और सीमावर्ती स्थलों पर ‘गाइडेड मिसाइलों’ और ड्रोनों से सटीक हमले किए हैं।











