‘गौरक्षक की हत्या पर दहकी काशी: शंकराचार्य ने यूपी सरकार को घेरा’; बोले— “गाय को खरोंच न आने का दावा करने वाले अब ‘फरसा वाले बाबा’ के हत्यारों का एनकाउंटर करें”

मथुरा: प्रख्यात गौरक्षक 'फरसा वाले बाबा' की हत्या पर भड़के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद। यूपी सरकार की कथनी और करनी पर उठाए सवाल, बोले— "तस्करों का हो एनकाउंटर"। वाराणसी से जारी किया कड़ा बयान। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

ईदुल अमीन 

मथुरा (PNN24 News): मथुरा के वृंदावन में प्रख्यात गौरक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ की जघन्य हत्या ने पूरे संत समाज और गौभक्तों को झकझोर कर रख दिया है। इस वारदात पर वाराणसी में मौजूद ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के सुरक्षा दावों पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ ‘मिसाल’ बनने वाली कार्रवाई की मांग की है।

1. वारदात की भयावहता: ट्रक से कुचला और गला रेता

शंकराचार्य ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि ईद के अवसर पर गोकशी की आशंका को देखते हुए ‘फरसा वाले बाबा’ पूरी रात सतर्क थे।

  • साजिश: जब उन्होंने गायों से लदे एक संदिग्ध ट्रक को रोकने का प्रयास किया, तो तस्करों ने उन पर ट्रक चढ़ा दिया।
  • नृशंसता: बताया जा रहा है कि बुजुर्ग गौरक्षक की गला रेतकर हत्या की गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। स्वामी जी ने इसे गौरक्षकों के मनोबल पर सीधा प्रहार बताया है।

2. “सरकार की कथनी और करनी में अंतर”

वाराणसी से जारी अपने बयान में शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार दावा करती थी कि यहाँ गाय को कोई खरोंच तक नहीं मार सकता, लेकिन अब तो साक्षात गौरक्षकों को ही मौत के घाट उतारा जा रहा है। यदि गौ-सेवा करने वाले संत ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो धर्म की रक्षा कैसे होगी?”

3. एनकाउंटर और कड़ी कार्रवाई की मांग

शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने की मांग की है।

  • भक्तों की मांग: स्वामी जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भक्त चाहते हैं कि ऐसे जघन्य अपराधियों का एनकाउंटर होना चाहिए।
  • चेतावनी: उन्होंने कहा कि अब गौरक्षकों को स्वयं आगे आकर अपनी शक्ति बढ़ानी होगी क्योंकि सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने मथुरा पुलिस को निर्देशित किया कि दोषियों पर ऐसी धाराएं लगाई जाएं जो भविष्य के लिए मिसाल बनें।

4. संत समाज में शोक और आक्रोश

‘फरसा वाले बाबा’ अपने नाम के अनुरूप सदैव हाथ में फरसा लेकर गौवंश की रक्षा के लिए तत्पर रहते थे। उनकी हत्या के बाद मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में भारी बवाल और तनाव की स्थिति बनी हुई है। संत समाज ने इसे सनातन धर्म की सेवा करने वालों के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।


📊 घटनाक्रम: एक नज़र में (Incident Summary)

विवरण जानकारी
पीड़ित प्रख्यात गौरक्षक ‘फरसा वाले बाबा’
स्थान वृंदावन, मथुरा (उत्तर प्रदेश)
आरोप गोवंश तस्करों द्वारा ट्रक से कुचलना और गला रेतकर हत्या
प्रतिक्रिया शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (ज्योतिर्मठ)
मुख्य मांग दोषियों का एनकाउंटर और कठोरतम कानूनी कार्रवाई

📌 

मथुरा जैसी पवित्र नगरी में एक बुजुर्ग संत और गौरक्षक की इस तरह हत्या होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान है। यदि तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे संतों की जान ले रहे हैं, तो प्रशासन को अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को जमीन पर उतारने की सख्त जरूरत है।

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