‘ज़िंदा या मुर्दा, पीछा नहीं छोड़ेगा ईरान’; नेतन्याहू की मौत की अफवाहों के बीच IRGC की खौफनाक चेतावनी— “मीनाब की एक लड़की के बाल का रेशा उनके वजूद से कीमती”
क्या ज़िंदा हैं बिन्यामिन नेतन्याहू? ईरान की IRGC ने 'बच्चों के हत्यारे' को दुनिया के किसी भी कोने से खोज निकालने की दी धमकी। मीनाब स्कूल हमले का बदला लेने का संकल्प। छह उंगलियों वाले 'AI वीडियो' का सच और यायर नेतन्याहू की खामोशी पर गहराता रहस्य। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक आज़मी
PNN24 News): मध्य-पूर्वी युद्ध के बीच अब एक नया ‘साइकोलॉजिकल वॉर’ (मनोवैज्ञानिक युद्ध) शुरू हो गया है। इस युद्ध का केंद्र हैं इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने एक सनसनीखेज बयान जारी कर कहा है कि यदि नेतन्याहू जीवित हैं, तो वे उनका पीछा कर उन्हें मौत के घाट उतार देंगे।
1. IRGC की धमकी और मीनाब स्कूल हमले का जख्म
ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA के अनुसार, IRGC ने नेतन्याहू को ‘बच्चों का हत्यारा’ करार दिया है।
- बदले की आग: युद्ध की शुरुआत में दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में एक लड़कियों के स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें 160 से ज्यादा छात्राओं और स्टाफ की मौत हो गई थी।
- ईरानी दूतावास का बयान: दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने लिखा, “नेतन्याहू ज़िंदा हों या मर चुके हों, फर्क नहीं पड़ता। मीनाब की एक लड़की के बाल का एक रेशा उनके पूरे वजूद से ज़्यादा कीमती है।”
2. मौत की अफवाहें कहाँ से शुरू हुईं?
नेतन्याहू की मौत या उनके लापता होने की खबरें पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैली हुई हैं:
- AI वीडियो का विवाद: 13 मार्च को नेतन्याहू के एक्स (X) हैंडल से एक वीडियो जारी हुआ। नेटिज़न्स ने दावा किया कि यह वीडियो AI जेनरेटेड है।
- छह उंगलियों का रहस्य: वीडियो के एक फ्रेम में नेतन्याहू की छह उंगलियां दिखाई देने का दावा किया गया, जिसे ‘मोशन ब्लर’ या तकनीकी खामी के बजाय उनकी मौत को छिपाने के लिए बनाया गया ‘डीपफेक’ बताया गया।
- बेटे की खामोशी: नेतन्याहू के बेटे यायर नेतन्याहू ने 9 मार्च के बाद से कोई पोस्ट नहीं किया है, जिससे अटकलें लगीं कि परिवार किसी बड़े दुखद हादसे से गुजर रहा है।
3. आधिकारिक खंडन और विशेषज्ञों की राय
इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय और अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों को ‘फेक न्यूज़’ करार दिया है।
- PMO का बयान: तुर्की की अनादोलु एजेंसी से बातचीत में इसराइली पीएमओ ने साफ किया कि नेतन्याहू पूरी तरह सुरक्षित हैं और देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
- ग्रोक (AI) का विश्लेषण: एलन मस्क के AI बॉट ‘ग्रोक’ ने भी वीडियो को असली बताया और छह उंगलियों वाले दावे को ‘ऑप्टिकल इल्यूजन’ (नजरों का धोखा) करार दिया।
4. कैंडिस ओवेन्स का गंभीर आरोप
अमेरिकी राजनीतिक टिप्पणीकार कैंडिस ओवेन्स ने इस मामले में नया मोड़ देते हुए कहा कि “नेतन्याहू की सेहत को लेकर कुछ छिपाया जा रहा है और अमेरिकी अधिकारियों पर चुप रहने का दबाव है।” उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल मचा दी है।
5. IRGC का 52वीं लहर का दावा
धमकियों के बीच IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने क्षेत्र में तीन अमेरिकी ठिकानों और इसराइल के भीतर कई लक्ष्यों को 52वीं बार किए गए हमलों में नष्ट कर दिया है। ईरान का कहना है कि नेतन्याहू का अंजाम ‘अज्ञात’ है और वे शायद अपने परिवार के साथ भाग निकलने की फिराक में हैं।
📊 सच बनाम अफवाह (Analysis Box)
| मुद्दा | अफवाह/दावा | आधिकारिक/विशेषज्ञ पक्ष |
| मौत का दावा | नेतन्याहू युद्ध में मारे गए या लापता हैं। | पीएमओ ने कहा- नेतन्याहू सुरक्षित और सक्रिय हैं। |
| वीडियो साक्ष्य | AI द्वारा बनाया गया है, उंगलियां अजीब दिख रही हैं। | विशेषज्ञों के अनुसार ‘मोशन ब्लर’ और कैमरा एंगल का असर। |
| यायर नेतन्याहू | 9 मार्च से खामोश, शोक में हैं। | एआई बॉट ने इन अटकलों को निराधार बताया। |
| IRGC का रुख | वे ‘बच्चों के हत्यारे’ का पीछा कर मार डालेंगे। | यह मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है। |
📌 PNN24 का निष्कर्ष:
युद्ध के समय ‘गलत जानकारी’ (Disinformation) सबसे बड़ा हथियार होती है। हालांकि नेतन्याहू की मौत के कोई ठोस सबूत नहीं हैं, लेकिन IRGC की आक्रामकता और सोशल मीडिया पर जारी दावों ने इसराइली समाज और वैश्विक मीडिया को तनाव में डाल रखा है।











