‘वेनेजुएला, ईरान और अब क्यूबा की बारी’: ट्रंप ने किया ‘सत्ता परिवर्तन’ का खुला ऐलान; बोले— “बहुत देर होने से पहले हमसे डील कर लो”

वेनेजुएला और ईरान के बाद अब ट्रंप की रडार पर क्यूबा। व्हाइट हाउस से मिला सत्ता परिवर्तन का संकेत। तेल की किल्लत और आर्थिक घेराबंदी से घुट रहा है क्यूबा। क्या 60 साल पुराना कम्युनिस्ट किला ढहा पाएंगे ट्रंप?

मो0 सलीम 

PNN24 News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति अब लैटिन अमेरिका के वामपंथी किलों को ढहाने की ओर बढ़ रही है। वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और ईरान के साथ युद्ध के बीच, ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनका अगला लक्ष्य क्यूबा है। व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि क्यूबा के लिए समय निकलता जा रहा है।

1. वेनेजुएला से तेल की ‘लाइफलाइन’ कटी

क्यूबा की अर्थव्यवस्था दशकों से वेनेजुएला से मिलने वाले 35,000 बैरल प्रतिदिन रियायती तेल पर टिकी थी।

  • ट्रंप की रणनीति: 3 जनवरी को काराकास (वेनेजुएला) में मादुरो को पकड़ने के बाद, अमेरिका ने वेनेजुएला से क्यूबा जाने वाले तेल टैंकरों को ज़ब्त करना शुरू कर दिया है।
  • असर: क्यूबा में बिजली संकट गहरा गया है और ईंधन की भारी किल्लत हो गई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अब क्यूबा को तेल या पैसा— कुछ नहीं मिलेगा (Zero)।

2. “डील करो या परिणाम भुगतो”: ट्रंप की चेतावनी

ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के काम की तारीफ करते हुए मीडिया से कहा:

“हम ईरान वॉर खत्म करना चाहते हैं, लेकिन यह सिर्फ वक्त की बात है जब आप (क्यूबा से निर्वासित लोग) वापस क्यूबा जाएंगे। क्यूबा हमसे डील करने को बेताब है।”

ट्रंप का दावा है कि क्यूबा ने वेनेजुएला के तानाशाहों को सुरक्षा दी, जिसके बदले उसे मुफ्त तेल मिला, लेकिन अब यह खेल खत्म हो चुका है।

3. क्यूबा का पलटवार: “हम संप्रभु देश हैं”

क्यूबा के राष्ट्रपति मगेल डियाज़ कनेल ने ट्रंप की धमकियों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा:

  • नैतिकता का सवाल: “जो लोग इंसानी ज़िंदगी को कारोबार बना देते हैं, उन्हें क्यूबा पर उंगली उठाने का कोई हक नहीं है।”
  • आर्थिक घेराबंदी: क्यूबा ने इसे 60 साल से जारी ‘दम घोंटने वाले उपायों’ का विस्तार बताया है।
  • अधिकार: क्यूबाई विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें बिना अमेरिकी दखल के ईंधन आयात करने का पूरा अंतरराष्ट्रीय अधिकार है।

4. लैटिन अमेरिका में ‘ड्रग वॉर’ के नाम पर घेराबंदी

ट्रंप प्रशासन ने लैटिन अमेरिका के वामपंथी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:

  • कोलंबिया: राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर ड्रग कार्टेल की मदद का आरोप लगाकर प्रतिबंध लगाए गए हैं। ट्रंप ने उन्हें ‘अपनी जान बचाने’ की सलाह दी है।
  • मेक्सिको: ट्रंप ने कार्टेल से लड़ने के लिए मेक्सिको में अमेरिकी सैनिक भेजने की पेशकश की है, जिसे राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने सिरे से खारिज कर दिया है।

5. ओबामा की नीति पूरी तरह पलटी

जहाँ बराक ओबामा ने क्यूबा के साथ संबंधों को सामान्य करने की कोशिश की थी, वहीं ट्रंप ने पद संभालते ही क्यूबा को ‘आतंकवाद का प्रायोजक देश’ घोषित कर दिया। ट्रंप का लक्ष्य क्यूबा में 1959 से चले आ रहे कम्युनिस्ट शासन को उखाड़ फेंकना और वहां अमेरिका समर्थक व्यवस्था कायम करना है।

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