‘गर्भ से कब्र तक सिर्फ सन्नाटा’: गाजा में 1 लाख बच्चों पर मंडरा रहा अकाल का साया; UN की रिपोर्ट ने दुनिया को झकझोरा, 2 महीने के मासूम भी ‘कुपोषण’ के शिकार

गाजा में 'नस्लों' को मिटाने की कोशिश! संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा रिपोर्ट में खुलासा: 1 लाख से ज़्यादा बच्चे और 37,000 गर्भवती महिलाएं 'गंभीर कुपोषण' की कगार पर। जन्म लेते ही दम तोड़ रहे नवजात, 28,000 से अधिक महिलाओं की मौत। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

निलोफर बानो 

PNN24 News: संयुक्त राष्ट्र (UN) की विभिन्न एजेंसियों—UNICEF, UN Women और OCHA—द्वारा मार्च 2026 के पहले सप्ताह में जारी की गई रिपोर्टों ने गाजा पट्टी में मानवीय गरिमा के पूरी तरह खत्म होने की पुष्टि की है। ईरान-इज़राइल युद्ध के शोर के बीच, गाजा के बच्चों और महिलाओं की चीखें दब गई हैं।

1. बच्चों की स्थिति: ‘अकाल’ बना मौत का नया हथियार

UNICEF और WHO की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार:

  • कुपोषण का तांडव: गाजा में लगभग 1,00,000 बच्चे और 37,000 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं अप्रैल 2026 तक ‘गंभीर तीव्र कुपोषण’ (Severe Acute Malnutrition) का सामना कर सकते हैं।
  • शिशु मृत्यु दर: गाजा के अस्पतालों में हर महीने औसतन 460 बच्चे कम वज़न (Underweight) के साथ पैदा हो रहे हैं। इनमें से कई का वज़न 1 किलोग्राम से भी कम है, जिनकी बचने की संभावना न के बराबर है।
  • शिक्षा का अंत: 6,25,000 से अधिक छात्र पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा पाए हैं, जिससे एक पूरी पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

2. महिलाओं पर प्रहार: 28,000 से अधिक मौतें

UN Women के आंकड़े रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं:

  • हर घंटे मौत: अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में 28,000 से अधिक महिलाएं और लड़कियां मारी जा चुकी हैं। औसतन हर घंटे एक मां और एक बेटी इज़राइली हमलों का शिकार हो रही है।
  • असंभव विकल्प: गाजा की 10 लाख महिलाएं इस वक्त ‘अकाल’ जैसी स्थिति में हैं। वे या तो आश्रयों में भूख से मर रही हैं या भोजन की तलाश में बाहर निकलकर गोलियों का शिकार हो रही हैं।
  • स्वास्थ्य संकट: स्वच्छ पानी और दवाओं की कमी के कारण महिलाएं बिना एनेस्थीसिया और बुनियादी चिकित्सा के बच्चे पैदा करने को मजबूर हैं।

3. मानवीय सहायता पर ‘इज़राइली पहरा’

OCHA की 6 मार्च 2026 की रिपोर्ट बताती है कि:

  • सप्लाई ठप: 2 मार्च 2025 से इज़राइल ने UNRWA को सीधे तौर पर खाद्य सहायता लाने से रोक दिया है।
  • ईंधन की राशनिंग: अस्पतालों में ईंधन खत्म हो रहा है, जिससे ‘इनक्यूबेटर’ (Incubators) में रखे नवजात बच्चों का जीवन संकट में है।
  • कीमतों में आग: बुनियादी स्वच्छता उत्पादों और भोजन की कीमतें 200-300% तक बढ़ गई हैं, जिससे आम जनता की पहुँच से भोजन बाहर हो चुका है।

4. ‘एपिजेनेटिक निशान’: आने वाली पीढ़ियों पर असर

BMJ Global Health की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि गाजा में आज जो बच्चे भूख से तड़प रहे हैं, उनके जीन में बदलाव (Epigenetic changes) हो रहे हैं। इसका मतलब है कि इस अकाल और युद्ध का असर उन बच्चों पर भी पड़ेगा जो अभी पैदा भी नहीं हुए हैं।


📊 UN रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े (मार्च 2026)

प्रभावित समूह स्थिति / आंकड़ा मुख्य कारण
बच्चे (5 वर्ष से कम) 1,00,000+ कुपोषण के शिकार भोजन और दूध की भारी कमी
महिलाएं (Fatality) 28,000+ मौतें हवाई हमले और बमबारी
सहायता ट्रक ज़रूरत का मात्र 15% सीमा चौकियों की पूर्ण बंदी
नवजात शिशु 10% जन्म के समय कम वज़न माँ का कुपोषण और तनाव

📌 संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इसे ‘मानवता के माथे पर कलंक’ बताया है। ईरान के साथ जारी तनाव ने इज़राइल को एक ऐसा ‘ब्लैंक चेक’ दे दिया है जिसका इस्तेमाल वह गाजा की नागरिक आबादी को पूरी तरह तोड़ने के लिए कर रहा है।

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