‘थक रही है सुपरपावर की सैन्य मशीनरी?’; इराक और सीरिया में अमेरिकी विमानों की लगातार विफलता के पीछे छिपे तकनीकी और लॉजिस्टिक कारण

क्या जंग के बोझ तले दब रही है अमेरिकी सैन्य मशीनरी? इराक में KC-135 के क्रैश होने के बाद उठे सवाल। पुराने पड़ते विमान, स्पेयर पार्ट्स की कमी और लगातार उड़ानों का दबाव। PNN24 की विशेष रक्षा रिपोर्ट।

शफी उस्मानी

PNN24 News): पश्चिमी इराक में KC-135 रीफ्यूलिंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना ने पेंटागन (Pentagon) के भीतर हलचल पैदा कर दी है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने किसी भी दुश्मन के हमले से इनकार किया है, लेकिन यह दुर्घटना उस व्यापक संकट की ओर इशारा करती है जो इराक और सीरिया में तैनात अमेरिकी सैन्य उपकरणों पर ‘ऑपरेशनल दबाव’ (Operational Pressure) के कारण पैदा हो रहा है।

1. ‘ओल्ड वॉरियर्स’: पुराने पड़ते विमानों का बोझ

इराक और सीरिया में तैनात कई अमेरिकी विमान दशक पुराने हैं:

  • KC-135 स्ट्रैटोटैंकर: जिस विमान का एक्सीडेंट हुआ, उस मॉडल की औसत आयु 60 वर्ष से अधिक है। ये विमान वियतनाम युद्ध के दौर के हैं। हालांकि इन्हें अपडेट किया गया है, लेकिन इनके ‘एयरफ्रेम’ (Airframe) अब धातु की थकान (Metal Fatigue) का शिकार हो रहे हैं।
  • रखरखाव में देरी: लगातार 24/7 कॉम्बैट ऑपरेशंस के कारण इन विमानों को जो ‘मेंटीनेंस ब्रेक’ मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पा रहा है।

2. ‘लॉजिस्टिक्स चोक’: स्पेयर पार्ट्स की भारी किल्लत

मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध के कारण सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है:

  • होर्मुज़ का असर: समुद्री रास्तों पर हमलों के कारण सैन्य कलपुर्जों (Spare Parts) की डिलीवरी में देरी हो रही है।
  • प्राथमिकता का टकराव: यूक्रेन और ताइवान को दी जा रही सैन्य सहायता के कारण इराक और सीरिया में तैनात इकाइयों को नए पुर्जे मिलने में कठिनाई हो रही है।

3. हालिया तकनीकी विफलताओं का पैटर्न

पिछले 6 महीनों में इराक और सीरिया में कई ‘गैर-युद्ध’ संबंधित तकनीकी घटनाएं दर्ज की गई हैं:

  • ड्रोन क्रैश: सीरिया में अमेरिकी ‘MQ-9 रीपर’ ड्रोन्स की कई तकनीकी लैंडिंग विफलताएं सामने आई हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW): क्षेत्र में ईरान द्वारा किए जा रहे भारी ‘जीपीएस जैमिंग’ (GPS Jamming) के कारण नेविगेशन सिस्टम में खराबी आ रही है, जो दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण हो सकता है।
  • यूएसएस गेराल्ड फोर्ड घटना: हाल ही में विमानवाहक पोत के लॉन्ड्री क्षेत्र में लगी आग भी खराब होती आंतरिक मशीनरी का संकेत है।

4. सैनिकों की थकान और मानवीय त्रुटि

केवल मशीनें ही नहीं, इंसान भी दबाव में हैं। इराक और सीरिया के ‘हाई-स्ट्रेस’ वातावरण में काम कर रहे ग्राउंड क्रू और पायलटों की कमी के कारण ‘ह्यूमन एरर’ की संभावना बढ़ गई है। 12 मार्च को हुए हादसे की जांच में भी इस पहलू पर गौर किया जा रहा है।


📊 अमेरिकी सैन्य उपकरणों की वर्तमान स्थिति (इराक-सीरिया क्षेत्र)

उपकरण श्रेणी औसत आयु मुख्य समस्या
रीफ्यूलिंग टैंकर (KC-135) 62 साल स्ट्रक्चरल विफलता, पुराने इंजन
लड़ाकू विमान (F-16/F-15) 30+ साल इंजन में आग लगने की घटनाएं
ट्रांसपोर्ट विमान (C-130) 25+ साल लैंडिंग गियर की समस्याएं
ड्रोन (MQ-9) 10 साल नेविगेशन और सॉफ्टवेयर ग्लिच

📌 PNN24 निष्कर्ष:

पेंटागन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब ‘दो मोर्चों’ पर है—एक तरफ दुश्मन से लड़ना और दूसरी तरफ अपनी ही पुरानी होती मशीनों को गिरने से बचाना। यदि अमेरिका ने अपने ‘लॉजिस्टिक्स नेटवर्क’ को तुरंत दुरुस्त नहीं किया, तो आने वाले समय में ऐसे ‘गैर-युद्ध’ हादसों की संख्या बढ़ सकती है।

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