‘कर्ज के चक्रव्यूह में फंसा सुपरपावर’; $39 ट्रिलियन हुआ अमेरिकी कर्ज, केवल 5 महीने में बढ़ा $1 ट्रिलियन; क्या युद्ध और ब्याज खा जाएंगे अमेरिका का भविष्य?
अमेरिका पर कर्ज का 'पर्वत': $39 ट्रिलियन के पार पहुँचा अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज। ईरान के साथ युद्ध और बेतहाशा खर्च ने ट्रंप प्रशासन के वादों पर खड़े किए सवाल। क्या 2026 के मध्यावधि चुनाव से पहले $40 ट्रिलियन होगा आंकड़ा? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
PNN24 News: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका इस वक्त एक ऐसे वित्तीय संकट की ओर बढ़ रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘टाइम बम’ साबित हो सकता है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज $39 ट्रिलियन (लगभग 3,240 लाख करोड़ रुपये) के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है। यह आंकड़ा भारत की कुल जीडीपी (GDP) से लगभग 10 गुना अधिक है।
1. कर्ज की रफ़्तार: 5 महीने में $1 ट्रिलियन का इजाफा
ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में कर्ज की रफ़्तार ने विशेषज्ञों को चौंका दिया है:
- अक्टूबर 2025: कर्ज $38 ट्रिलियन के स्तर पर था।
- मार्च 2026: महज 5 महीनों के भीतर यह $39 ट्रिलियन पहुँच गया।
- भविष्यवाणी: पीटर जी. पीटरसन फाउंडेशन के अनुसार, यदि यही रफ़्तार रही तो साल 2026 के मध्यावधि (Midterm) चुनावों से पहले यह $40 ट्रिलियन का आंकड़ा पार कर जाएगा।
2. ईरान युद्ध और खर्च की ‘बलि’
इस बेतहाशा बढ़ोतरी का मुख्य कारण ईरान-इज़राइल युद्ध में अमेरिका की भागीदारी को माना जा रहा है।
- युद्ध की लागत: व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट के अनुसार, ईरान युद्ध में अब तक अमेरिका $12 बिलियन से अधिक खर्च कर चुका है।
- रक्षा बजट: पेंटागन ने अतिरिक्त $200 बिलियन के फंड की मांग की है, जिससे खजाने पर बोझ और बढ़ेगा।
- ब्याज का बोझ: अगले तीन दशकों में अमेरिका को केवल कर्ज के ब्याज पर $100 ट्रिलियन खर्च करने पड़ सकते हैं।
3. ट्रंप के वादे बनाम हकीकत
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान “कर्ज कम करने” और “राजकोषीय अनुशासन” (Fiscal Sanity) का वादा किया था। हालांकि, रक्षा खर्च में बढ़ोतरी, टैक्स कटौती के कानून और अब युद्ध की स्थिति ने इन वादों को मुश्किल में डाल दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में सरकार का कुल खर्च $7.01 ट्रिलियन था, जबकि कमाई केवल $5.23 ट्रिलियन रही।
4. आम नागरिकों पर असर: बड़ी चेतावनी
अमेरिकी सरकारी जवाबदेही कार्यालय (GAO) ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि बढ़ते कर्ज का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ेगा:
- महंगा कर्ज: होम लोन और कार लोन की ब्याज दरें बढ़ेंगी।
- कम वेतन: व्यापारिक निवेश कम होने से वेतन वृद्धि में रुकावट आएगी।
- महंगाई: वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है।
📊 अमेरिकी कर्ज का सफर (Debt Trajectory)
| समय सीमा | राष्ट्रीय कर्ज (National Debt) | अंतराल (Days/Months) |
| अगस्त 2025 | $37 ट्रिलियन | – |
| अक्टूबर 2025 | $38 ट्रिलियन | ~71 दिन |
| मार्च 2026 | $39 ट्रिलियन | ~5 महीने |
| सितंबर 2026 (अनुमानित) | $40 ट्रिलियन | आगामी चुनाव से पहले |
📌 PNN24 का विश्लेषण:
सुपरपावर अमेरिका का अपनी कमाई से ज्यादा खर्च करना और कर्ज लेकर युद्ध लड़ना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है। यदि अमेरिका अपनी उधारी पर नियंत्रण नहीं पाता, तो डॉलर की वैश्विक साख और भविष्य की आर्थिक स्थिरता पर गंभीर संकट मंडरा सकता है।









